छत्तीसगढ़

CG – 2 पुलिसकर्मी सस्पेंड : हवलदार और आरक्षक को SSP ने तत्काल प्रभाव से किया निलंबित, इस वजह से गिरी गाज, जाने पूरा मामला…..

बिलासपुर। कोटा थाना क्षेत्र के पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि गांजा बेचने के मामले में पकड़े गए एक नाबालिग आरोपी को थाने लाने के बाद कथित रूप से 80 हजार रुपये लेकर छोड़ दिया गया। मामले की जानकारी मिलते ही SSP ने प्रधान आरक्षक और आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम को कोटा पुलिस की टीम ने रानीसागर क्षेत्र में दबिश दी थी। कार्रवाई के दौरान टीम ने एक नाबालिग को पकड़ा, जिस पर गांजा बिक्री से जुड़ा होने का संदेह था। उसे पूछताछ के लिए थाने लाया गया। बताया जा रहा है कि नाबालिग का पिता गांव में गांजा बेचने का काम करता है। बेटे के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही वह सक्रिय हो गया।

आरोप है कि नाबालिग को छोड़ने के बदले में पुलिस जवानों ने पहले 2 लाख रुपये की मांग की। सौदेबाजी के बाद 80 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। परिजनों ने गांव में ब्याज पर रकम की व्यवस्था कर पुलिसकर्मियों को सौंप दी। इसके बाद नाबालिग को छोड़ दिया गया।

सूत्रों के अनुसार, कोटा के मुख्य चौक में एक जूता दुकान में रानीसागर पारा में रहने वाले नाबालिग के परिवार से यह सौदा हुआ, फिर नाबालिग को थाने से छोड़ा गया।

मामले में प्रारंभिक जांच के बाद एसएसपी रजनेश सिंह ने कार्रवाई करते हुए प्रधान आरक्षक प्रकाश दुबे और आरक्षक सोमेश्वर साहू को निलंबित कर दिया है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वहीं इस मामले में थानेदार की लापरवाही और संलिप्तता के आरोपों पर कोटा टीआई नरेश चौहान को भी SSP ने स्पष्टीकरण नोटिस जारी कर पक्ष मांगा है।

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