गोंडवाना गणतंत्र पार्टी छत्तीसगढ़ के तीन प्रदेश पदाधिकारियों का इस्तीफा संगठन में मचा हड़कंप आखिर क्या है इसके पीछे का कारण पढ़े पूरी ख़बर
बिलासपुर//छत्तीसगढ़ में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के तीन प्रमुख प्रदेश पदाधिकारियों ने अपने पद से इस्तीफा देकर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।
इस्तीफा देने वालों में—
सुदामा जगत (प्रदेश मीडिया संयोजक, गोंगपा छ.ग.)
दिनेश शाह उइके (प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक, गोंगपा छ.ग.)
विश्राम करन धुर्वे (प्रदेश आईटी सेल संयोजक, गोंगपा छ.ग.)
शामिल हैं।
आखिर क्यों देना पड़ा इस्तीफा?
तीनों पदाधिकारियों का आरोप है कि प्रदेश स्तरीय नेतृत्व की लचर व्यवस्था ने संगठन को कमजोर कर दिया है। उनका कहना है कि
युवा पीढ़ी को किसी प्रकार का सम्मान नहीं दिया जा रहा।
युवाओं की राजनीतिक दिशा और भविष्य को अंधकार में रखा गया है।
संगठन में रखे गए प्रस्तावों और नियमों का पालन नहीं किया गया।
संवाद के बजाय उपेक्षा का वातावरण बनाया गया।
इन परिस्थितियों से क्षुब्ध होकर उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों से पीछे हटने का निर्णय लिया।
राजनीतिक तंज: क्या आलाकमान गहरी नींद में है?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पार्टी का आलाकमान जमीनी सच्चाई से अनजान है, या जानकर भी अनदेखा कर रहा है?
जब मीडिया, सोशल मीडिया और आईटी सेल जैसे महत्वपूर्ण विभागों के संयोजक ही व्यवस्था से असंतुष्ट होकर इस्तीफा दे दें, तो यह सामान्य घटना नहीं बल्कि संगठनात्मक संकट का संकेत है।
क्या नेतृत्व को यह दिखाई नहीं दे रहा कि युवा वर्ग निराश है?
क्या पार्टी में निर्णय कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित हो चुका है?
यदि युवाओं को केवल कार्यक्रमों की भीड़ तक सीमित रखा जाएगा और नीति निर्धारण से दूर रखा जाएगा, तो भविष्य में बड़े पैमाने पर असंतोष और पलायन की स्थिति बन सकती है।
अब क्या?
यह समय आत्ममंथन का है। यदि शीर्ष नेतृत्व ने समय रहते स्थिति की गंभीरता को नहीं समझा, तो यह संकट गहराता जाएगा। राजनीति में संगठन विश्वास और भागीदारी से चलता है, आदेश और उपेक्षा से नहीं।
अब देखना यह है कि पार्टी का आलाकमान इस चेतावनी को गंभीरता से लेता है या फिर हालात को यूं ही अनदेखा करता है।




