बिझिया समाज द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टोलियों को पुरस्कृत किया गया।

((नयाभारत सितेश सिरदार लखनपुर)):–
बिझिया समाज ने अपनी परंपरागत सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखने और उसे बढ़ावा देने के लिए एक बार फिर अपनी प्रतिबद्धता दिखाई। ग्राम लक्ष्मणगढ़ में आयोजित विशेष सभा में **गौरा** और **सुगा** के बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली टोलियों को 11-11 सौ रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
यह कार्यक्रम लक्ष्मणगढ़ के गौटिया शंकर सिरदार के खनिहार में आयोजित किया गया, जहां समाज के प्रतिष्ठित सदस्य पटेल घासी राम ने विजेता टोलियों को पुरस्कार प्रदान किए। बिझिया समाज की यह परंपरा हर वर्ष नियमित रूप से निभाई जाती है, जिसमें आदिवासी संस्कृति के महत्वपूर्ण अंग गौरा और सुगा के माध्यम से युवाओं को प्रोत्साहित किया जाता है।
**गौरा** हिंदू रीति-रिवाजों में आदिवासी समाज के लिए विशेष महत्व रखता है। यह नृत्य और प्रदर्शन न केवल सामाजिक एकता को मजबूत करता है, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने में अहम भूमिका निभाता है। सुगा के साथ मिलकर ये प्रदर्शन समाज की पहचान और उत्साह का प्रतीक बनते हैं।
समाज के बुजुर्गों और युवाओं ने इस आयोजन को सफल बनाने में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम न केवल प्रतिभाओं को सम्मान देता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा भी प्रदान करता है।
बिझिया समाज के इस प्रयास की सराहना की जा रही है, जो सांस्कृतिक संरक्षण और सामुदायिक एकजुटता का बेहतरीन उदाहरण है।
