CG – टाकरागुड़ा में वार्ड सभा आयोजित, पेयजल समस्या और मूलभूत सुविधाओं पर हुई विस्तृत चर्चा…

टाकरागुड़ा में वार्ड सभा आयोजित, पेयजल समस्या और मूलभूत सुविधाओं पर हुई विस्तृत चर्चा
बस्तर। ग्राम पंचायत भाटपाल के आश्रित ग्राम टाकरागुड़ा में वार्ड सभा का आयोजन किया गया, जिसमें ग्राम के जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ नागरिकों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। बैठक में क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं, शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा एवं परिचर्चा की गई।
वार्ड सभा में मुख्य रूप से क्षेत्रीय जनपद सदस्य हेमराज बघेल, ग्राम पंचायत भाटपाल के सरपंच अमृत कश्यप तथा टाकरागुड़ा ग्राम के वार्ड पंच मदन बघेल उपस्थित रहे। इसके अलावा पंचायत प्रतिनिधि एवं ग्रामीणों में बसंत सूर्यवंशी, पुनाय बघेल, बोदे बघेल, मनीराम बघेल, ग्राम के वरिष्ठ माटी पुजारी बुधराम कश्यप, बासुदेव बघेल, सोनसिंह बघेल, शिवराम सोनी, पचमी, पुरनी कश्यप सहित वार्ड सदस्य एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
सभा के दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र में बढ़ती पेयजल समस्या को लेकर चिंता व्यक्त की। ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान में कई हैंडपंपों का जलस्तर नीचे चला जाने के कारण वार्डों में पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है। विशेष रूप से वार्ड क्रमांक 7 के ग्रामीणों ने पेयजल संकट को देखते हुए अतिआवश्यक रूप से नए नलकूप (बोर) की स्थापना की मांग रखी।
इसके अलावा टाकरागुड़ा मार्ग के एक खतरनाक मोड़ पर दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए वहां स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग भी ग्रामीणों द्वारा रखी गई। ग्रामीणों का कहना था कि अंधेरा होने के कारण मार्ग में आवागमन करने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है, इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से वहां स्ट्रीट लाइट लगाना अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई तथा पात्र हितग्राहियों को इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही शासन द्वारा संचालित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में भी विस्तार से चर्चा की गई।
ग्रामीणों ने “सुशासन तिहार” के दौरान किए गए आवेदनों का अब तक निराकरण नहीं होने पर नाराजगी भी व्यक्त की। उनका कहना था कि कई समस्याओं को लेकर आवेदन दिए गए थे, लेकिन अभी तक उनका कोई समाधान नहीं हो पाया है, जिससे लोगों में आक्रोश की स्थिति बनी हुई है।
इसके अलावा कई वृद्धजनों ने पेंशन के लिए आवेदन करने के बावजूद अब तक राशि स्वीकृत नहीं होने की समस्या भी उठाई। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि पात्र हितग्राहियों को शीघ्र पेंशन स्वीकृत कर राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। सभा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत भी कार्य प्रारंभ करने की मांग की गई। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में इस योजना के अंतर्गत गांव में विभिन्न विकास कार्य जैसे भूमि सुधार, पशु शेड निर्माण आदि कार्य किए जाते थे, जिससे ग्रामीणों को रोजगार के साथ-साथ गांव का विकास भी होता था। ग्रामीणों ने पुनः ऐसे कार्य शुरू कराने की मांग रखी।



