छत्तीसगढ़

CG – उल्लास साक्षरता कार्यक्रम जन-जन कों साक्षर करने का लक्ष्य साक्षरता से सशक्तिकरण की ओर एक कदम कलेक्टर संजय अग्रवाल नें जारी किया वीडियो संदेश जानें इससे जुड़ी सारी बातें पढ़े पूरी ख़बर

बिलासपुर//उल्लास साक्षरता मिशन 2030 तक शत-प्रतिशत साक्षरता प्राप्त करना का लक्ष्य पुरे देश रखा गया हैं जिसमे 15 वर्ष से अधिक उम्र के ऐसे व्यक्ति जो औपचारिक शिक्षा से वंचित रहे हैं। इसमें बुनियादी साक्षरता, संख्यात्मक कौशल, जीवन कौशल, व्यावसायिक कौशल, और बुनियादी शिक्षा शामिल हैं यह हाइब्रिड (ऑनलाइन और ऑफलाइन) मोड में संचालित है। इसमें छात्र, शिक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता और स्वयंसेवक शिक्षक के रूप में योगदान देते हैं। साक्षरता के लिए ULLAS एप का उपयोग किया जाता है, साक्षरता के स्तर को जांचने के लिए समय-समय पर मूल्यांकन परीक्षा आयोजित की जाती है (जैसे 22 मार्च कों आयोजित हो रही हैं यह योजना केवल अक्षर ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य शिक्षार्थियों को डिजिटल रूप से साक्षर बनाना, बैंकिंग, स्वास्थ्य और कानूनी साक्षरता जैसे व्यावहारिक जीवन कौशल सिखाकर सशक्त बनाना है।

बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल नें जारी किया वीडियो संदेश…

बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने उल्लास साक्षरता मिशन को सफल बनाने के लिए 15 वर्ष से अधिक उम्र के सभी असाक्षरों को साक्षर बनाने पर जोर दिया है। उन्होंने स्वैच्छिक शिक्षकों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि, यदि 10वीं-12वीं के छात्र 10 असाक्षरों को साक्षर बनाते हैं, तो उन्हें 10 बोनस अंक मिलेंगे। इसके साथ ही, उन्होंने 2030 तक शत-प्रतिशत साक्षरता लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए इसे एक ‘जन-आंदोलन’ के रूप में चलाने का निर्देश दिया है।

क्या हैं उल्लास साक्षरता मिशन..

उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम भारत सरकार की 2022-2027 के लिए एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसका लक्ष्य 15 वर्ष या उससे अधिक आयु के निरक्षर वयस्कों को बुनियादी साक्षरता, संख्यात्मक ज्ञान और व्यावहारिक जीवन कौशल प्रदान करना है। यह पूरी तरह से स्वैच्छिक कार्यक्रम है, जो नि:शुल्क शिक्षा पर केंद्रित है।

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