CG- छत्तीसगढ़ के इस जिले में लागू हुआ पुलिस बीट सिस्टम: SSP खुद पहुंचकर ले रहे फीडबैक, पुलिसिंग को मिलेगी नई धार….

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में पुलिसिंग को चुस्त-दुरुस्त करने और आम लोगों को तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था और चुस्त पुलिसिंग का भरोसा दिलाने के मद्देनजर जिले में पुलिस बीट सिस्टम लागू किया गया है।यह सिस्टम शहरी व ग्रामीण दोनों ही पुलिस में साथ-साथ शुरू किया गया है। बीट सिस्टम की व्यवस्था का जायजा लेने जिले के एसएसपी रजनेश सिंह खुद ही मौके पर जा रहे हैं और लोगों से सीधे फीडबैक ले रहे हैं।
एसएसपी रजनेश सिंह का कहना है, जिले में लागू की गई बीट सिस्टम का फीड बैक, लोगों से चर्चा कर लिया जा रहा है । बीट के कर्मचारी ही पुलिस का सबसे पहला संपर्क व्यक्ति है। इसके साथ कभी भी कोई भी समस्या होने पर उसे तत्काल अवगत कराया जा सकता है पुलिस की बाकी सभी व्यवस्थाएं तो है ही, मसलन dial 112, police patroling आदि। एसएसपी का साफ कहना है, इस नई व्यवस्था से लोगाें में पुलिस के प्रति भरोसा जगेगा और बीट सिस्टम की व्यवस्था संभाल रहे पुलिस कर्मी से सीधे संवाद व संपर्क स्थापित करने में आसानी होगी।
जानिए कैसे काम कर रहा है बीट सिस्टम
ये है शहरी बीट क्षेत्र
प्रति शहरी बीट 06 आरक्षक, 3 शिफ्ट में कर रहा है काम (सुबह, शाम, रात्रि) 24×7 गश्त एवं निगरानी
बीट गठन में मुख्य रूप से बाजार, भीड़भाड़ वाले क्षेत्र, स्लम बस्ती, स्कूल, कॉलेज, एटीएम, बस/रेलवे स्टैंड शामिल किया गया है।
ऐसे समझिए, बीट में क्या-क्या करना होगा काम
1. बीट क्षेत्र में शहर, मोहल्ले, पारा के गलियों व सड़कों के अलावा प्रमुख चौक चौराहों की नियमित रूप से पैदल, वाहन गश्त एवं किसी स्थान पर उपस्थिति दर्ज कराना।
2. बीट क्षेत्र के संवेदनशील स्थानों, बाजारों, विद्यालयों, धार्मिक स्थलों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी एवं समस्त गतिविधियों के लिये आसूचना संकलन।
3. बीट अधिकारी स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, दुकानदारों, चौकीदारों, सुरक्षा कर्मियों एवं से नियमित संपर्क स्थापित करेगा।
4. किरायेदार / घरेलू सहायक व दूकान में काम करने वालों का सत्यापन
5. अपराधी तत्वों, हिस्ट्रीशीटरों, संदिग्ध व्यक्तियों तथा बाहरी आगंतुकों की जानकारी रखना।
6. बीट क्षेत्र में प्राप्त शिकायतों, सूचनाओं एवं घटनाओं की जानकारी तत्काल थाना प्रभारी को दी जाएगी।
7. चेन स्नेचिंग, छेड़छाड़, नशा, चोरी, नकबजनी, अड्डेबाजी व गुण्डागर्दी पर नकेल कसना।
8. नशे के विरूद्ध, जुआ-सट्टा को समूल नष्ट करने हेतु प्रभावी कार्यवाही करना।
9. फेरी एवं लोगों से संपर्क कर ठगी/साइबर ठगी करने वालों पर नजर रखना
10. बीट प्रभारी द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग के अंर्तगत अपराधों की रोकथाम हेतु जनजागरूकता के कार्यक्रम आयोजित करना।
11. रात्रिकालीन गश्त विशेष रूप से 24:00 से 04:00 बजे के मध्य
12. बीट रजिस्टर/बीट डायरी का नियमित संधारण
13. बीट का आपराधिक मानचित्र रखना एवं घटित अपराधों का चिन्हांकन कर अद्यतन करना।
14. बीट क्षेत्र में प्रमुख स्थानों पर लगाये गये क्यू.आर. कोड से अपनी उपस्थिति सुनिश्चित कराना।
ग्रामीण बीट प्रणाली
0 प्रति ग्रामीण बीट 06 आरक्षक, 3 शिफ्ट (सुबह, शाम, रात्रि), एक बीट प्रभारी के जिम्मे 3 से 6 ग्राम, 24×7 गश्त एवं निगरानी, बीट प्रभारी ग्रामीण क्षेत्रों में खेत, वन क्षेत्र, जलस्रोत एवं ग्राम सीमाएं्र संवदेनशील क्षेत्र व दुर्घटनाजन्य क्षेत्र की विशेष निगरानी करेंगे।
ग्रामीण थानों के बीट में इस तरह होगा काम
1. नियमित ग्राम भ्रमण
2. भूमि विवाद, पारिवारिक विवादों की जानकारी
3. धार्मिक एवं साम्प्रदायिक रूप से संवेदनशील गतिविधियों की विशेष निगरानी एवं समस्त गतिविधियों के लिये आसूचना संकलन।
4. नशे के विरूद्ध, जुआ सट्टा, मवेशी तस्करी को समूल नष्ट करने हेतु प्रभावी कार्यवाही करना।
5. चोरी, नकबजनी, अड्डेबाजी व गुण्डागर्दी पर नकेल कसना।
6. सरपंच, कोटवार, शिक्षकों एवं जनप्रतिनिधियों से समन्वय
7. मौसमी अपराधों (फसल कटाई, मेले, त्यौहार) की रोकथाम
8. अपराधी तत्वों, हिस्ट्रीशीटरों, संदिग्ध व्यक्तियों तथा बाहरी आगंतुकों की जानकारी रखना।
9. बीट क्षेत्र में प्राप्त शिकायतों, सूचनाओं एवं घटनाओं की जानकारी तत्काल थाना प्रभारी को दी जाएगी।
10. फेरी एवं लोगों से संपर्क कर ठगी/साइबर ठगी करने वालों पर नजर रखना
15. बीट प्रभारी द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग के अंर्तगत अपराधों की रोकथाम हेतु जनजागरूकता के कार्यक्रम आयोजित करना।
11. थाने के नगरीय इलाकों में रात्रिकालीन गश्त विशेष रूप से 24:00 से 04:00 बजे के मध्य
12. बीट रजिस्टर/बीट डायरी का नियमित संधारण
13. बीट का आपराधिक मानचित्र रखना एवं घटित अपराधों का चिन्हांकन कर अद्यतन करना।
14. बीट क्षेत्र में प्रमुख स्थानों पर लगाये गये क्यूआर कोड से अपनी उपस्थिति सुनिश्चित कराना।



