CG News : छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में AI की एंट्री, तकनीक से जुड़ेगा स्कूली शिक्षा का नया दौर, शिक्षक लेंगे इतने घंटे की ट्रेनिंग……

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग शुरू होने जा रहा है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति National Education Policy 2020 (NEP) के तहत अब प्राथमिक स्तर से ही बच्चों को तकनीक से जोड़ने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इसके अंतर्गत कक्षा तीसरी से ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कंप्यूटेशनल थिंकिंग (CT) को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बच्चों में शुरुआती स्तर से ही तार्किक सोच और डिजिटल समझ विकसित करना है।
एक्टिविटी आधारित होगी पढ़ाई
शिक्षा विभाग के अनुसार, इस नए विषय को पारंपरिक और बोझिल तरीके से नहीं पढ़ाया जाएगा, बल्कि इसे पूरी तरह ‘एक्टिविटी आधारित लर्निंग’ के रूप में डिजाइन किया गया है। शुरुआत में यह योजना Kendriya Vidyalaya Sangathan, Navodaya Vidyalaya Samiti और Central Board of Secondary Education (CBSE) से संबद्ध स्कूलों में लागू की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे बच्चों की सीखने की क्षमता अधिक होती है, इसलिए उन्हें खेल-खेल में कोडिंग की बुनियादी जानकारी और समस्या समाधान की तकनीकी समझ दी जा सकती है। इससे बच्चों में तार्किक क्षमता, रचनात्मकता और विश्लेषणात्मक सोच विकसित होगी।
सरकारी स्कूलों में भी तैयारी
राज्य के सरकारी स्कूलों में भी इस दिशा में तेजी से काम चल रहा है। फिलहाल कक्षा छठवीं से AI और कंप्यूटेशनल थिंकिंग को मुख्य पाठ्यक्रम में शामिल करने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इससे जुड़े पाठ्यक्रम और अध्ययन सामग्री तैयार करने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है और अगले चार से छह महीनों में इसका अंतिम प्रारूप तैयार कर लिया जाएगा।
केंद्र सरकार के विशेषज्ञों की टीम इस बात पर मंथन कर रही है कि छोटे बच्चों के लिए इस विषय को किस प्रकार सरल, रोचक और प्रभावी बनाया जाए, ताकि वे इसे आसानी से समझ सकें और सीखने में रुचि बनाए रखें।
शिक्षकों के लिए अनिवार्य डिजिटल प्रशिक्षण
इस महत्वाकांक्षी योजना की सफलता के लिए शिक्षकों का प्रशिक्षित होना बेहद जरूरी माना गया है। इसी कड़ी में State Council of Educational Research and Training (SCERT) द्वारा सभी शिक्षकों के लिए 50 घंटे का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण ‘सतत व्यावसायिक विकास’ (CPD) के तहत होगा, जिसमें शिक्षकों को एआई की बुनियादी समझ, साइबर सुरक्षा, डिजिटल टूल्स और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों की जानकारी दी जाएगी।



