छत्तीसगढ़

CG – घोटालों के गढ़ मस्तूरी में अब सेवा सहकारी समिति दर्रीघाट में किसानों के साथ हुआ फर्जीवाड़ा प्रबंधक कोमल चंद्राकर पर गंभीर आरोप जनदर्शन में शिकायत पढ़े पूरी ख़बर

बिलासपुर//छत्तीसगढ़ के बिलासपुर और यहाँ के मस्तूरी विधानसभा में सहकारिता विभाग में भ्रष्टाचार और किसानों के साथ जालसाजी का खेल ख़त्म होनें का नाम हीं नहीं लें रहा सेवा सहकारी समिति मल्हार,संतु यादव सेवा सहकारी समिति गोड़ाडीह,प्रकाश लहरे, सेवा सहकारी समिति एरमसाही,सेवा सहकारी समिति रिस्दा,सेवा सहकारी समिति गतौरा,सेवा सहकारी समिति बहतरा,सेवा सहकारी समिति जयरामनगर हालांकि इनमे से कई प्रबंधको और ऑपरेटरों के नाम एफआईआर हुआ हैँ कई जेल की हवा खा कर भी आ गए कई खरीदी केंद्रों के प्रभारीयों पर जाँच भी जारी हैँ पर भ्र्ष्टाचार खत्म नहीं हो रहा।

किन्तु अब नया मामला सामने आया हैँ यह मामला सेवा सहकारी समिति दर्रीघाट से सामने आ रहा हैँ यहाँ ना धान ज्यादा चढ़ा कर घपला हुआ ना ब्यवस्था का पैसा का मामला हैँ यहाँ के प्रबंधक कोमल चंद्राकर नें कमाने का नया जुगाड़ जमा लिया हैँ।

दर्रीघाट धान खरीदी केंद्र के प्रबंधक कोमल चंद्राकर नें इस बार किसानों कों मिलने वाली केसीसी लोन में डाका डाला हैँ इनका फर्जी दिमाग़ तो देखिए इसने किसानों कों केसीसी लोन तो दिया एक बार पर चढ़ा दिया दों दों बार किसानों कों पता तब चला जब उनका धान मंडी पहुंची और उनका पैसा कटा जैसे कर्रा के किसान रामचरण कौशिक नें 39908.50 का कर्ज लिया तो कोमल चंद्राकर लिमतरा के किसान नें 36200 का कर्ज लिया ज़ब दोनों का पैसा धान देनें के बाद कट गया किन्तु इनका जिला सहकारी बैंक के खाते पर फिर भी उधारी उतना हीं दिखा रहा था तब ये परेशान होकर शाखा प्रबंधक के पास पहुंचे जहाँ इनकों पता चला की इनकी खाते में दों दों बार सेम अमाउंट कर्जा कों चढ़ाया गया हैँ और मिला सिर्फ एक बार हैँ तब किसानों नें कोमल चंद्राकर प्रबंधक दर्रीघाट के खिलाफ बिलासपुर कलेक्टर से शिकायत की तब पता चला की ऐसे कई किसान हैँ जिनके खाते में इन्होने गुपचुप तरीके से पैसा चढ़ा दिया हैँ और अब वो किसान दर दर की ठोंकर खा रहें हैँ।

वही इस पुरे मामले में मस्तूरी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के शाखा प्रबंधक सुशील पनौरें नें बताया हैँ की इन्होने किसानों के साथ धोखा किया हैँ किसानों के जानकारी के बिना उनके खाते में हजारों का खाद चढ़ा कर फर्जीवाड़ा किया हैँ ज़ब मामला किसानों के द्वारा संज्ञान में आया तो हमने खुद कोमल चंद्राकर प्रबंधक दर्रीघाट का विभाग में शिकायत किया हैँ और तीन किसानों की समस्या भी हल किया हैँ हालांकि ऐसे किसानों की संख्या कितनी हैँ नहीं पता पर कुछ नें शिकायत किया था जिनका निवारण हुआ हैँ।

बताते चलें की कोमल चंद्राकर वही दर्रीघाट गतौरा धान खरीदी केंद्र का प्रबंधक हैँ जहाँ 28 लाख के ऊपर का घोटाला हुआ और ये अभी एक भ्रष्टाचार के लिए जेल की हवा खा रहें हैँ और दूसरा फर्जीवाड़ा का मामला इनका बाहर इंतजार कर रहा हैँ क्यों की जिन किसानों नें अपना कर्ज लिया था वो तो उन्होंने चूका दिया हैँ पर कोमल चंद्राकर नें दूसरी बार जो फर्जी एंट्री की हैँ वो अब भी किसानों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई हैँ जिसको लेकर किसान एकजुट होकर मोर्चा खोलने की तैयारी में हैँ कोमल कों ज़मानत मिली और फिर जेल जाना पड़े तो किसी कों इसपर आश्चर्य नहीं होना चाहिए।

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