छत्तीसगढ़

CG – न घोड़ी…न कार…न ही हेलीकॉप्टर, बैलगाड़ी पर होकर सवार दुल्हनिया लेने पहुंचा दूल्हा राजा; अनोखी बारात देख लोग हुए हैरान…..

पटना। छत्तीसगढ़ के सेलूद गांव इन दिनों सुर्खियों में है। जहां दशकों पुरानी परंपरा के तहत जब दुल्हा अपनी दुल्हनिया को लेकर ससुराल पहुंचा तो हर कोई हैरान रह गया। जहां आजकल शादियों में लग्जरी कारों, डीजे और भव्य आयोजन का चलन बढ़ता जा रहा है, वहीं इस गांव के एक दूल्हे ने अपनी शादी को खास बनाने के लिए पुरानी परंपरा को अपनाया और बैलगाड़ी पर सवार होकर अपनी दुल्हन को लेने पहुंचा।

यह अनोखी बारात इलाके में चर्चा का विषय बन गई। सजी-धजी बैलगाड़ियों का काफिला जब गांव की गलियों से गुजरा, तो लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। ग्रामीणों ने इस अनूठी पहल का गर्मजोशी से स्वागत किया और फूलों की वर्षा कर दूल्हे और बारातियों का अभिनंदन किया। बिना डीजे और तेज आवाज के, पूरी बारात पारंपरिक ढंग से, शांति और सादगी के साथ आगे बढ़ती रही।

इस बारात की सबसे खास बात यह रही कि इसमें किसी प्रकार का दिखावा या आधुनिक तामझाम नहीं था। न तो तेज संगीत का शोर था और न ही महंगे वाहनों का प्रदर्शन। इसके बजाय पारंपरिक वेशभूषा, बैलगाड़ी की सवारी और ग्रामीण माहौल ने सभी का मन मोह लिया। बुजुर्गों ने इसे अपने पुराने दिनों की याद बताते हुए कहा कि पहले इसी तरह सादगी और संस्कारों के साथ शादियां हुआ करती थीं।

ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दूल्हे और उसके परिवार की इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश बताया। उनका कहना है कि इस तरह के आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं। आज के समय में जब युवा तेजी से आधुनिकता की ओर बढ़ रहे हैं, ऐसे उदाहरण उन्हें अपनी परंपराओं का महत्व समझाने में मदद करते हैं।

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