CG – नकली नोट पकड़ने गई थी पुलिस, पानी की टंकी में पति ने छिपा कर रखे थे लाश के टुकडे़, आरोपी पति को कोर्ट ने सुनाई ये सजा…..

बिलासपुर। विशेष न्यायालय (एनआइए) ने एक दिल दहला देने वाले जघन्य हत्याकांड और जाली नोट मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश सिराज़ुद्दीन कुरैशी ने अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर शव के टुकड़े पानी टंकी में छिपाने वाले आरोपी पवन सिंह ठाकुर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपित को जाली नोट रखने के अपराध में भी पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा दी गई है।
नकली नोट चलाते बाजार में पकड़े गए आरोपी के बाद, मिले इनपुट के आधार पर छत्तीसगढ़ बिलासपुर की पुलिस ने शहर के एक मोहल्ले में छापामार कार्रवाई की। पानी टंकी में नकली नोट छिपाने की सूचना पर जब पुलिस ने पानी टंकी की जांच तो अफसर सन्न रह गए। नकली नोट के बजाय टुकड़ों में लाश मिली। पैकेट में बांधकर पानी टंकी में छिपा दिया था। आरोपी को एनआईए कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अवैध संबंध के शक में आरोपी ने पत्नी की हत्या कर टुकड़ों में लाश को काटकर बैग में भरकर टंकी में डाल दिया था।
अवैध संबंध के शक में पत्नी की हत्या कर शव को टुकड़ों में काट कर पानी की टंकी में छिपाने और नकली नोट छापने के आरोप में स्पेशल जज एनआईए बिलासपुर की अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने हत्या साक्ष्य मिटाने और नकली नोट रखने के मामले में अलग-अलग सजा सुनाईं है। विशेष न्यायाधीश सिराजुद्दीन कुरैशी की अदालत ने यह फैसला सुनाया।
पढ़िए क्या है मामला?
घटना 2 मार्च 2023 की है। एंटी क्राइम यूनिट को उसलापुर स्थित गीतांजलि कॉलोनी फेस-1 में नकली नोट छापने की सूचना मिली थी। पुलिस जब पवन सिंह ठाकुर के मकान में तलाशी लेने पहुंची तो पोर्च में रखी पानी की टंकी के भीतर, 5 टुकड़ों में अलग-अलग पॉलीथिन में पैक महिला का शव मिला। इसकी पहचान आरोपी की पत्नी सती साहू के रूप में हुई। पूछताछ में आरोपी पवन ने बताया, पत्नी के चरित्र पर संदेह के कारण उसने उसकी हत्या की थी। शव ठिकाने लगाने उसने बाजार से पानी की टंकी, कटर और कटर मशीन खरीदी। उसने शव के हाथ-पैर और धड़ काटकर अलग-अलग पैक किए। शव को जलाने की भी कोशिश की, लेकिन बदबू फैलने के डर से ऐसा नहीं कर सका। बाद में शव के हिस्सों को पॉलीथिन में पैक कर टंकी में छिपा दिया। दो महीने तक वह लोगों से पत्नी के घर छोड़कर जाने की बात कहता रहा और तलाश का नाटक करता रहा।
नकली नोट छापने की मशीन सहित 200 व 500 रुपये के नोट मिले
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से नकली नोट बनाने का सामान, कलर प्रिंटर, रिफिल कार्टिज, जेरॉक्स पेपर, 200 रुपए के सात और 500 रुपए के तीन नकली नोट, ग्राइंडर कटर मशीन समेत अन्य सामग्री जब्त की। आरोपी ने बताया, उसने रायगढ़ और जांजगीर के दो युवकों से नकली नोट बनाना सीखा था। अदालत ने आरोपी को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास, धारा 201 और 489-सी के तहत पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। राज्य शासन की ओर से अधिवक्ता दाऊ चंद्रवंशी ने पैरवी की।
आरोपी को किसी भी प्रकार से रियायत नहीं दी जा सकती
स्पेशल कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है,अपराध अत्यंत गंभीर और क्रूर प्रकृति का है। हत्या के बाद शव के टुकड़े कर साक्ष्य मिटाने का प्रयास करना, समाज में भय और असुरक्षा पैदा करने वाला कृत्य है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है, आरोपी को किसी प्रकार की रियायत नहीं दी जा सकती।
बच्चों को मिलेगी आर्थिक सहायता
स्पेशल कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न निर्णयों का हवाला देते हुए कहा है, अपराध पीड़ितों और मृतक के आश्रितों को राज्य की ओर से उचित मुआवजा मिलना चाहिए। पीड़ित प्रतिकर योजना मृतका के दोनों नाबालिग बच्चों को क्षतिपूर्ति मुआवजा देने का निर्देश राज्य सरकार को दिया है।



