CG – मचहा में 10 से 15 लाख का डबरी निर्माण और भारी भ्रष्टाचार नाम मात्र की खुदाई कागजों पर लाखों का खेल शिकायत की तैयारी जानें पूरा मामला पढ़े पूरी ख़बर
मस्तूरी//ब्लॉक के ग्राम पंचायत मचहा में जल संरक्षण के नाम पर बने डबरी निर्माण में भारी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि डबरी की खुदाई सिर्फ नाम मात्र की गई, जबकि कागजों में लाखों रुपए का भुगतान निकाल लिया गया जिसकी अब बिलासपुर कलेक्टर से शिकायत की तैयारी है।
यहाँ कुछ ऐसे लोंगो कों मेट बनाया गया है जो ऑनलाइन हजारी भी डालने में शक्षम नहीं है और अजीब बात ये है की इनके बिना पंचायत प्रस्ताव के ही मेट बना दिया गया है जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है और यहाँ के पूर्व मुखिया और पंच भी हैरान है की आखिर इतनी लापरवाही क्यों और कब तक
क्या है पूरा मामला…
खुदाई के नाम पर खानापूर्ति मनरेगा में कई डबरी निर्माण स्वीकृत हुआ था। ग्रामीणों ने बताया कि थोड़े मिट्टी हटाकर खानापूर्ति कर छोड़ दिया गया। जबकि मस्टररोल में 8-10 फीट गहरी खुदाई और सैकड़ों मजदूरों की हाजिरी दिखाई गई है।
मापदंड ताक पर…
डबरी की लंबाई-चौड़ाई और गहराई नाम मात्र का किया गया है यहाँ सिर्फ दिखाने के लिए ही कार्य हुआ है कई तो ऐसे है जहाँ काम पूर्ण कर लिया गया है पर जमीनी हकीकत आपको हौरान कर देगी जैसे खेतो में खेती के दौरान खुदाई होती है वैसे ही मिट्टी कों ऊपर से बस निकाला गया है और कागजो में काम पूरा दिखा दिया गया है आखिर किसके सह पर ये भ्रष्टाचार का खेल खेला जा रहा है।
फर्जी भुगतान की जाँच की मांग
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहाँ सिर्फ लोंगो कों फोटो खींचाने के लिए ही बुलाया गया अपने चहेतों के नाम से फर्जी मस्टररोल भरकर लाखों रुपए निकाल लिए।
4 गुणवत्ता की अनदेखी…
डबरी के इनलेट-आउटलेट नहीं बने। पिचिंग कार्य हुआ ही नहीं। कुछ ग्रामीण नाम नहीं छापने की शर्त पर बताते है कि “डबरी देखकर लगता ही नहीं कि ये पानी रोकेगी। ये तो गड्ढा भी नहीं कह सकते”।
ग्रामीणों ने की जांच की मांग…
ग्रामीण नें जल्द ही इसकी शिकायत कलेक्टर बिलासपुर और CEO जिला पंचायत से करने की बात कही है उनका कहना है कि सरकार जल संरक्षण पर करोड़ों खर्च कर रही है, लेकिन जिनके कंधे जिम्मेदारी है और जिम्मेदार अधिकारी की मिलीभगत से सारा पैसा डकारा जा रहा है। ग्रामीणों ने डबरी की वीडियोग्राफी करा कर सबूत भी रख लिए है।
वही इस पुरे मामले में तकनिकी सहायक राहुल सोनी भी सकते है उनकी बात यहाँ काम कों लेकर एक देवचरण पटेल नाम के ब्यक्ति से होती है पर वो अब उनका फ़ोन ही नहीं उठा रहें है उनका कहना है की मुझे अँधेरे में रख कर यहाँ कार्य किया जा रहा है ज़ब भी डबरी कों दिखाने उनको बोलता हूं तो गाँव के बाहर हूं बोल कर पल्ला झाड लेते है पर अभी तक मुझे दिखा ही नहीं रहें है निश्चित रुप से अगर गलत हों रहा है तो जाँच होनी चाहिए और जो भी दोषी हों उन पर एफ आई आर भी होनी चाहिए ताकि यहाँ भ्रष्टाचार कों रोका जा सकें।




