CG – मस्तूरी में फल फूल रहा रेत माफियाओ का काला खेल सरकार कों रोजाना लगा रहें लाखों का चुना रात रात भर अधिकारियों के नाक के निचे से सप्लाई अमलडीहा जोंधरा पहुंच मार्ग भी छतीग्रस्त कब जागेगा प्रशासन पढ़े पुरी ख़बर
बिलासपुर//मस्तूरी क्षेत्र में मानसून प्रतिबंध के बावजूद रात होते ही रेत माफिया सक्रिय हो जाते हैं अमलडीहा भिलौनी हरदी,गोबरी,मनवा, दर्रीघाट और अन्य जगहों से हाईवा-ट्रैक्टर की कतारें निकल रही हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन की चुप्पी से ग्रामीणों में आक्रोश है।
रातभर चलता है ‘रेत का काफिला…
रात से भोर 4 बजे तक अरपा-शिवनाथ नदी के घाटों से डंपर-हाईवा ट्रैक्टर धड़ल्ले से रेत निकाल रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक इन अवैध रुप से निकाले जा रहें घाटों से हर 10 मिनट में एक हाईवा या ट्रैक्टर गुजरता है कही कही तो jcb-पनडुब्बी मशीन का भी उपयोग किया जा रहा है और यहाँ रात में चोरी हों रही रेत कों सीधे निर्माण साइटों पर सप्लाई किया जा रहा है इनकों पकड़े जाने का डर न होने से माफिया बेधड़क काम कर रहे हैं।
प्रशासन मौन…
ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी खनिज विभाग और थाना की गश्त नदारद है। “शिकायत करो तो फोन नहीं उठाते, उठाते हैं तो ‘देखते हैं’ कहकर टाल देते हैं सड़कें टूटीं, हादसे बढ़े ओवरलोड हाईवा से अमलडीहा से जोंधरा तक की कई किलोमीटर रोड़ जो प्रधानमंत्री मंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाया गया है वो पूरी तरह से जर्जर हो गया। रात में तेज रफ्तार से आवाजाही के कारण गौवंश और बाइक सवार दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं।
कागज पर कार्रवाई, जमीन पर सन्नाटा…
बिलासपुर कलेक्टर ने 17 जून को 87 वाहन जब्त कर बड़ी कार्रवाई का दावा किया था। लेकिन ग्रामीण कहते हैं कि वो कार्रवाई ‘शो’ थी। जब्ती के 2 दिन बाद फिर वही रूट चालू। मस्तूरी में 3 डंपिंग यार्ड पकड़े गए थे, पर रात की सप्लाई नहीं रुकी। कार्रवाई के कुछ दिनों बाद से ही रेत माफिया सक्रिय हों गए और धड़ल्ले से इनका सप्लाई जारी है।
नुकसान का हिसाब…
एक हाईवा ₹15-20 हजार का रेत बिना रॉयल्टी बेच देता है। रातभर में 50+ हाईवा निकलें तो शासन को लाखों का चूना नदी का तल बैठ रहा है, तट कटाव बढ़ रहा है पानी का स्तर गिर रहा है 15 अक्टूबर तक नदी खनन प्रतिबंधित है। इसके बावजूद खनन खुलेआम
ग्रामीणों की मांग…
ग्रामीणों नें अमलडीहा भिलौनी मनवा हरदी गोबरी में रात में जो अवैध रुप से रेत की चोरी हों रही है उसकी जानकारी मस्तूरी में बैठे बड़े अधिकारियों कों दिया और मांग की है घाटों पर 24×7 पुलिस ड्रोन से निगरानी, और मिलीभगत वाले अफसरों पर FIR। “अगर प्रशासन नहीं जागा तो हम खुद हाईवा रोकेंगे”ऐसा आम लोंगो का कहना है
अधिकारियों का पक्ष…
खनिज अधिकारी हमेशा स्टॉफ की कमी का रोना रोते है और ये कहने से नहीं पीछे रहते की जानकारी नहीं थी लेकिन अब कार्रवाई किया जाएगा ग्रामीणों का कहना है की हर रात हाईवा निकल रहे हैं वो भी इनके ऑफिस के सामने से तो सूचना की क्या जरूरत क्या अधिकारी पब्लिक के कहने से ही या सूचने देनें पर ही जागेंगे या कुछ खुद से भी करेंगे?




