Appi Raja Death: छत्तीसगढ़ के मशहूर रैपर अप्पी राजा का निधन,एम्स में ली आखिरी सांस,छॉलीवुड में शोक की लहर…..

रायपुर। छत्तीसगढ़ी संगीत जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ के पहले रैप सिंगर एप्पी राजा का रायपुर एम्स में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार थे। उनका इलाज एम्स में चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से भानुप्रतापपुर सहित पूरे प्रदेश में उनके प्रशंसकों और शुभचिंतकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई है। उनका अंतिम संस्कार सोमवार 16 जून को भानुप्रतापपुर में किया जाएगा। बता दें कि एप्पी राजा 13-14 साल की उम्र से ही रैप साॅन्ग्स लिख रहे थे। उन्होंने ‘टूरा भाेको लोलो’ गाना से अपनी पहचान बनाई थी।
एप्पी राजा उन चुनिंदा कलाकारों में शामिल थे जिन्होंने छत्तीसगढ़ी संगीत को आधुनिक रैप और हिप-हॉप के अंदाज में नई पहचान दिलाई। उनके गानों में स्थानीय संस्कृति, युवाओं की भावनाएं और आधुनिक संगीत का अनोखा मेल देखने को मिलता था। यही वजह रही कि कम समय में उन्होंने बड़ी लोकप्रियता हासिल कर ली।
उनके गाने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाखों बार देखे और सुने गए। छत्तीसगढ़ के गांवों से लेकर शहरों तक उनके गीतों की अलग पहचान थी। युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही थी और वे प्रदेश के उभरते हुए संगीत सितारों में गिने जाते थे।
कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में रहने वाले एप्पी राजा का असली नाम चेतन चांडक था। वे 13-14 साल की उम्र से ही रैप साॅन्ग्स लिख रहे हैं। एप्पी राजा का जन्म वर्ष 1994 में नवागढ़ में हुआ था। उनके माता-पिता मूल रूप से जैसलमेर (राजस्थान) के रहने वाले थे, जो बाद में छत्तीसगढ़ के बेमेतरा और फिर नवागढ़ आकर बस गए थे। बचपन के शुरुआती वर्ष एप्पी ने दुर्ग में बिताए और वहीं उनकी शुरुआती पढ़ाई हुई। वर्ष 2002 के बाद उनका परिवार भानुप्रतापपुर (कांकेर) आकर रहने लगा, जहां उन्होंने आगे की पढ़ाई जारी रखी। आर्थिक स्थिति सामान्य नहीं होने के बावजूद एप्पी रोजाना भानुप्रतापपुर से कांकेर तक पढ़ाई के लिए आते-जाते थे।
कांकेर के एक निजी स्कूल में पढ़ाई के दौरान ही एप्पी राजा ने कक्षा 7वीं में अपना पहला रैप लिखा था। तमाम मुश्किलों से गुजरते हुए उन्होंने पहला गाना ‘टूरा भाेको लोलो’ लिखा था, लेकिन तब उनके पास इसे रिकॉर्ड करने के लिए पैसे और रिसोर्स नहीं थे। साल 2015 में उन्हें पंजाब के लुधियाना से एक म्यूजिक कपंनी का मेल आया कि आप अपना एक रैप रिकाॅर्ड कर भेजें। कंपनी को रैप की लाइन पसंद आ गई और उन्हें पंजाब बुला लिया गया। वहीं ऐप्पी ने अपना गाना रिकाॅर्ड किया और इसे यू-ट्यूब पर रिलीज किया।
गाना रिलीज हाेते ही इसे गजब का रिस्पॉन्स मिला। लोग सोशल मीडिया पर शेयर करने लगे। ‘टूरा भाेको लोलो’ गाने को लाखों लोग यू-ट्यूब, फेसबुक और व्हाट्सऐप पर सुन चुके हैं। एप्पी राजा को साल 2014 में MH-1 Channel ने गाने के लिए ऑफर दिया, जब उसने सबसे पहला रैप सांग डी-टू-बी गाया
एप्पी राजा के निधन की खबर सामने आते ही फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके प्रशंसकों ने श्रद्धांजलि देना शुरू कर दिया। कई कलाकारों, संगीतकारों और उनके करीबी साथियों ने पोस्ट साझा कर दुख व्यक्त किया।
फैंस का कहना है कि एप्पी राजा ने छत्तीसगढ़ी रैप को एक नई दिशा दी थी। उनकी ऊर्जा, मंच पर प्रस्तुति और अलग अंदाज हमेशा याद रखा जाएगा।
कला जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि एप्पी राजा का असमय निधन छत्तीसगढ़ी संगीत उद्योग के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने जिस तरह स्थानीय भाषा और संस्कृति को रैप संगीत के जरिए युवाओं तक पहुंचाया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।
आज भले ही एप्पी राजा इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके गीत, उनकी आवाज़ और उनके द्वारा छोड़ी गई संगीत की विरासत हमेशा उनके प्रशंसकों के दिलों में जीवित रहेगी।



