राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त मोतीपुर पंचायत से सीखेंगे विकास के नए आयाम…..

रायपुर: ग्राम पंचायतों को सशक्त, आत्मनिर्भर एवं आदर्श बनाने के उद्देश्य से जशपुर जिला प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। पंचायत विकास, जनभागीदारी, स्वच्छता एवं ग्रामीण अधोसंरचना के उत्कृष्ट मॉडलों का अध्ययन करने के लिए जशपुर जिले का 43 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बिहार राज्य के समस्तीपुर जिले के रोसड़ा विकासखंड स्थित राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त मोतीपुर ग्राम पंचायत के अध्ययन भ्रमण पर गया। यह भ्रमण 11 से 14 जून 2026 तक आयोजित किया गया।

प्रतिनिधिमंडल में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ जिले की 15 ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं सचिव शामिल रहे। दल में डिप्टी डायरेक्टर पंचायत, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, एसडीओ, सब इंजीनियर, फैकल्टी मेंबर, जिला एवं ब्लॉक समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन सहित अन्य अधिकारी भी सम्मिलित थे।
मोतीपुर ग्राम पंचायत को पंचायत विकास एवं नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए तीन बार राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है। पंचायत की मुखिया श्रीमती प्रेमा देवी के नेतृत्व में किए गए विकास कार्य और नवाचार देशभर की पंचायतों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हैं। यही कारण है कि विभिन्न राज्यों से प्रतिनिधिमंडल समय-समय पर यहां पहुंचकर पंचायत के विकास मॉडल का अध्ययन करते हैं।
अध्ययन भ्रमण के दौरान जशपुर के प्रतिनिधिमंडल ने पंचायत में विकसित स्मार्ट स्कूल, सुव्यवस्थित बाजार, छठ घाट, मुक्तिधाम, अमृत सरोवर, स्वच्छता प्रबंधन व्यवस्था, जल संरक्षण संरचनाओं तथा विभिन्न सामुदायिक विकास परियोजनाओं का अवलोकन किया। प्रतिनिधिमंडल ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, जनसहभागिता, संसाधनों के बेहतर उपयोग एवं पंचायत स्तर पर किए गए नवाचारों की विस्तृत जानकारी भी प्राप्त की।
मोतीपुर ग्राम पंचायत की ओर से जशपुर के प्रतिनिधिमंडल का आत्मीय स्वागत किया गया। पंचायत प्रतिनिधियों ने अपनी विकास यात्रा एवं उपलब्धियों को साझा करते हुए सभी सदस्यों को सम्मान स्वरूप टोपी, शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट किए।
भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने पंचायत संचालन व्यवस्था, स्वच्छता मॉडल, सामुदायिक सहभागिता और स्थानीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि मोतीपुर पंचायत ने यह सिद्ध कर दिया है कि जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास से गांवों को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।

अध्ययन भ्रमण में शामिल सरपंचों एवं सचिवों ने संकल्प लिया कि वे अपने-अपने ग्राम पंचायतों में लौटकर मोतीपुर पंचायत के सफल मॉडलों का स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप क्रियान्वयन करेंगे। विशेष रूप से स्वच्छता, जल संरक्षण, शिक्षा, अधोसंरचना विकास, सामुदायिक सहभागिता एवं ग्राम सौंदर्यीकरण के क्षेत्रों में नवाचार आधारित कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि इस अध्ययन भ्रमण से उन्हें पंचायतों के समग्र विकास की नई दिशा और उपयोगी अनुभव प्राप्त हुए हैं। इन अनुभवों के आधार पर जशपुर जिले की ग्राम पंचायतों में नवाचार आधारित विकास कार्यों को बढ़ावा मिलेगा तथा पंचायतें आत्मनिर्भर और आदर्श ग्राम निर्माण की दिशा में और अधिक गति से आगे बढ़ सकेंगी।
अध्ययन भ्रमण से लौटे सभी सदस्यों ने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम पंचायत प्रतिनिधियों की क्षमता वृद्धि, नेतृत्व विकास तथा ग्रामीण विकास की नई सोच को बढ़ावा देने में अत्यंत प्रभावी साबित होते हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के अध्ययन भ्रमण आयोजित किए जाने की आवश्यकता बताई, ताकि पंचायतों में उत्कृष्ट कार्यों को प्रोत्साहन मिले और ग्रामीण विकास को नई गति प्राप्त हो सके।



