छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ की अगोरा इको-टूरिज्म को अंतरराष्ट्रीय सम्मान, ICRT Responsible Tourism Awards 2026 में मिला ‘चैंपियनिंग कल्चरल डायवर्सिटी’ अवॉर्ड

रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रकृति, संस्कृति और स्थानीय समुदायों को केंद्र में रखकर जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देने वाली संस्था अगोरा इको-टूरिज्म को इंडियन सबकॉन्टिनेंट रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म अवॉर्ड्स 2026 में ‘चैंपियनिंग कल्चरल डायवर्सिटी’ श्रेणी में सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार इंटरनेशनल सेंटर फॉर रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म (ICRT Global) द्वारा प्रदान किया गया। इस आयोजन में भारत, श्रीलंका और नेपाल में जिम्मेदार पर्यटन के क्षेत्र में कार्य कर रहे संस्थानों और पहलकर्ताओं ने भाग लिया।

ICRT Responsible Tourism Awards का उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र में ऐसे संगठनों, व्यवसायों और पहलों को पहचान देना है, जो पर्यटन को अधिक जिम्मेदार, समावेशी और समुदाय-केंद्रित बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। पुरस्कारों में स्थानीय समुदायों की भागीदारी, संस्कृति एवं विरासत का संरक्षण, पर्यावरणीय जिम्मेदारी तथा पर्यटन के सकारात्मक प्रभाव जैसे प्रयासों को विशेष महत्व दिया जाता है।

इस उपलब्धि के साथ अगोरा इको-टूरिज्म को ‘वन टू वॉच’ के रूप में भी मान्यता मिली है। पुरस्कार समारोह में संस्था की ओर से यह सम्मान संस्थापक डॉ. आलोक साहू और सेजल राठौर ने ग्रहण किया।

‘चैंपियनिंग कल्चरल डायवर्सिटी’ में छत्तीसगढ़ की एकमात्र संस्था

यह सम्मान अगोरा इको-टूरिज्म के लिए इसलिए भी विशेष है क्योंकि ‘चैंपियनिंग कल्चरल डायवर्सिटी’ श्रेणी में सम्मान प्राप्त करने वाली यह छत्तीसगढ़ की एकमात्र संस्था है। यह उपलब्धि प्रदेश की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला, परंपराओं और स्थानीय जीवनशैली को जिम्मेदार पर्यटन के माध्यम से व्यापक पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

अगोरा इको-टूरिज्म के अनुसार, यह सम्मान किसी एक संस्था की उपलब्धि नहीं, बल्कि उन सभी समुदायों, स्थानीय गाइडों, होमस्टे संचालकों, कारीगरों, ज्ञानधारकों, साझेदारों और स्थानीय लोगों का साझा सम्मान है, जिन्होंने इस यात्रा को संभव बनाया है।

संस्था का मानना है कि “संस्कृति कोई प्रदर्शन नहीं है।” स्थानीय संस्कृति को केवल पर्यटकों के सामने प्रस्तुत करने के बजाय उसे समझना, उसका सम्मान करना और समुदायों के साथ मिलकर उसे जीवंत बनाए रखना जिम्मेदार पर्यटन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

छत्तीसगढ़ को जिम्मेदार पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान

इस पुरस्कार के साथ अगोरा इको-टूरिज्म ने छत्तीसगढ़ को अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदार पर्यटन के मानचित्र पर एक और पहचान दिलाई है। इससे पहले भी संस्था को आउटलुक रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म अवॉर्ड्स में ‘बेस्ट ट्रैवल एंटरप्राइज’ श्रेणी में गोल्ड अवॉर्ड प्राप्त हो चुका है।

अगोरा इको-टूरिज्म का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के उन अनदेखे और कम प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को सामने लाना है, जहां पर्यटन केवल घूमने का अनुभव न होकर स्थानीय प्रकृति, संस्कृति और समुदायों को समझने का माध्यम बने। संस्था अपने पर्यटन कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय लोगों को पर्यटन की अर्थव्यवस्था से जोड़ने और पर्यटन से होने वाले लाभों का बड़ा हिस्सा समुदायों तक पहुंचाने की दिशा में कार्य कर रही है।

संस्था के लिए यह सम्मान केवल उपलब्धि नहीं, बल्कि आगे की जिम्मेदारी भी है। अगोरा इको-टूरिज्म भविष्य में भी समुदायों के साथ मिलकर ऐसे पर्यटन मॉडल को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें प्रकृति का संरक्षण, संस्कृति का सम्मान और स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी पर्यटन के केंद्र में हो।

 डॉ. आलोक साहू

संस्थापक, अगोरा इको-टूरिज्म

Related Articles

Back to top button