दुगली के सबसे बुजुर्ग महिला मालती बाई टांडेश को अंगार मोती सेवा समिति दुगली ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि…

सौ साल जीवन के अमूल्य समय गुजारे।
तीन पीढ़ियों के बीच उनका समय गुजरा।
नगरी…ब्रिटिश कालीन ग्राम दुगली के मालती बाई टांडेश का लगभग सौ साल की उम्र में शुक्रवार को देहावसान हो गया उनकी अंतिम यात्रा में पूरे गंधर्व समाज के सामाजिक जन क्षेत्र के जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में ग्राम वासी सम्मिलित होकर श्रद्धांजलि अर्पित की।मालती बाई टांडेश, मायाराम टांडेश,बसंत कुमार टांडेश की माता जी थे एवं ग्राम दुगली कौव्हाबाहरा के कोटवार बलराम डोंगरे एवं अंगार मोती सेवा समिति दुगली के महासचिव मनहरण डोंगरे की दादी थे। स्वर्गीय पतिराम के पत्नी थे। मालती बाई के चार पुत्र हुए एवं तीन बेटियां और चौदह नाती पांच नतनीन ग्यारह पोता पोती हैं।गांव के वरिष्ठ बुजुर्ग में एकलौते बचे हुए थे। जिन्होंने देश की आजादी के पूर्व और आजादी के बाद की भारत को देखा था। गांव में उनके परिवार का योगदान हमेशा रहा है। अंतिम यात्रा में पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजाराम मंडावी,सर्व आदिवासी समाज जिला धमतरी के मिडिया प्रभारी सुरेन्द्र राज ध्रुव,वन प्रबंधन समिति दुगली के अध्यक्ष शंकरलाल नेताम,रामेश्वर मरकाम सरपंच ग्राम पंचायत दुगली,गणेश राम नागर्ची उपाध्यक्ष तहसील नागार्ची समाज नगरी,शंकरलाल देवदास सलाहकार तहसील नागार्ची समाज नगरी,तुलसी राम मरकाम,नारायण नागेश,कोमल सिंह बघेल,बीरबल सोनवानी, भिखारी राम सोनवानी,जितेन्द्र मरकाम,सुर्या सलाम, हलालखोर सोरी,सहीत ग्रामवासीयों ने शोक ब्यक्त किए हैं।