नवरात्र की पूजा का लाभ एवं मुक्ति मोक्ष पाने के लिए जीव हत्या कभी मत करना – बाबा उमाकान्त महाराज

नवरात्र की पूजा का लाभ एवं मुक्ति मोक्ष पाने के लिए जीव हत्या कभी मत करना – बाबा उमाकान्त महाराज
जीव हत्या करने से देवी-देवता कभी खुश नहीं हो सकते हैं
उज्जैन (मध्यप्रदेश)। परम सन्त बाबा उमाकान्त महाराज ने सतसंग सुनाते हुए बताया कि नौ दिन की नवरात्र में लोग बड़े ज़ोर-शोर से जगह-जगह पर मान्यता अनुसार नवदुर्गा की पूजा करते हैं। परन्तु पूजा करने का सही तरीका न मालूम होने के कारण, न जानकारी में इतना सब कुछ करते हुए भी लोगों को शांती नहीं मिलती, सुख का अनुभव नहीं हो पाता। बीमारियों-तकलीफ़ों एवं टेंशन को दूर करने के लिए तथा बिगड़े काम को बनाने के लिए बहुत से लोग नवरात्र का अपने-अपने तौर-तरीक़े से उपयोग उपभोग करते हैं लेकिन उसका लोगों को पर्याप्त फल नहीं मिल पाता। वेद मंत्र मालूम हो, उससे इन देवी-देवताओं को बुलाया जाए और ख़ुश किया जाए तब तो ये फलदायी होते हैं नहीं तो इनका कोई ख़ास लाभ नहीं मिलता है।
कुछ लोग अपने स्वार्थ में देवी की मूर्ति के सामने जीव हत्या कर डालते हैं
बहुत से लोग ऐसे भी होते हैं कि जो सीधे-सादे लोगों को अँधेरे में डाल देते हैं एवं लोभ-लालच देकर के अपना स्वार्थ सिद्ध करते हैं। जैसे मान लो किसी की मांस खाने की आदत बन गई तो वे कहते हैं कि मुर्ग़ा काट कर, बकरा काट कर सिर देवी की मूर्ति के सामने चढ़ा दो। वह स्वार्थ में कहते हैं जिससे उनको मांस खाने को मिल जाए। जो मांसाहारी लोग हैं उनको नौ दिन जैसे दावत का निमंत्रण मिल गया लेकिन वो इस चीज़ को नहीं समझ रहे हैं कि जो परमात्मा की अंश जीवात्मा हमारे अंदर है, हमारे शरीर को चलाती है यही सज़ा भोगने के लिए अन्य जीवों में डाली गई है। हमारी उंगली कट जाए या एक छोटा सा कांटा अगर बदन में चुभ जाए तो हमको कितना दर्द होता है। उसी तरह मुर्ग़ा को, बकरा को भी तकलीफ़ होती होगी। इस बात का भान-ज्ञान नहीं है और स्वार्थ में ज़बान के स्वाद में लोग जीव हत्या कर डालते हैं।
नवरात्र की पूजा का लाभ पाने के लिए जीव हत्या मत करना
जीव हत्या करने से देवता कभी खुश नहीं हो सकते हैं। जिस चीज़ को मनुष्य बना नहीं सकता उसको काटने का हकदार कहाँ से हो गया? और अगर काट दिया तो सज़ा मिलेगी या नहीं मिलेगी? आपको यह सोचने- समझने की ज़रूरत है। चाहे जितना भी पूजा-पाठ, अनुष्ठान, धार्मिक आयोजन करो। रोजा रह जाओ, नमाज़ अदा करो। हज करने चले जाओगे काबा-काशी, द्वारिका-मथुरा चले जाओगे; उससे आपकी मुक्ति-मोक्ष या कोई लाभ नहीं होगा। इसलिए नवरात्र की पूजा का लाभ एवं मुक्ति मोक्ष पाने के लिए जीव हत्या मत करना और किसी भी पशु-पक्षी, कीड़े-मकोड़े या अन्य जल के जीव को मार कर या मरे हुए को ख़रीद कर उसका मांस मत खाना। भूल कर भी ऐसी गलती मत करना।