छत्तीसगढ़

CG – आरक्षक भर्ती पर लगी रोक, 2500 नियुक्ति पत्र हो चुके थे जारी, हाईकोर्ट ने इस वजह से लिया बड़ा फैसला……

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आरक्षक भर्ती में गड़बड़ी को लेकर लगाई गई याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने नई नियुक्तियों पर रोक लगा दी है। दरअसल, छत्तीसगढ़ में 6,000 पदों पर चल रही आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए याचिकाएं लगाई गई हैं। हाई कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों को गंभीरता से लेते हुए नए नियुक्ति पत्र जारी करने पर अंतरिम रोक लगाया है, अगली सुनवाई तक पुलिस विभाग किसी भी उम्मीदवार को जॉइनिंग लेटर नहीं दे सकेगा। वहीं सरकार को जवाब देने लिए दो सप्ताह का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 23 फरवरी को होगी।

दरअसल, पुलिस विभाग ने सभी जिलों में आरक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए लिखित और शारीरिक परीक्षा ली थी। इसमें गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए याचिकाएं लगाई गई थीं। याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट मतीन सिद्दिकी ने कहा कि शारीरिक दक्षता परीक्षा में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया है। इसका सबसे बड़ा प्रमाण बिलासपुर एसएसपी और चयन समिति के अध्यक्ष द्वारा 19 दिसंबर 2024 को पुलिस मुख्यालय रायपुर को लिखा गया वह पत्र है, जिसमें उन्होंने फिजिकल टेस्ट के दौरान पाई गई गड़बड़ियों की आधिकारिक जानकारी दी थी। यह भी बताया कि भर्ती पूरे प्रदेश के लिए एक ही सेंट्रलाइज्ड विज्ञापन के माध्यम से की जा रही है। चूंकि सभी जिलों में फिजिकल टेस्ट कराने वाली आउटसोर्स कंपनी एक ही है, इसलिए बिलासपुर की तरह राज्य के अन्य केंद्रों पर भी धांधली होने की आशंका है।

इतने उम्मीदवारों को मिला नियुक्ति पत्र

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि कुल 6000 पदों में से अब तक लगभग 2500 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र बांटे जा चुके हैं। ऐसे में यदि नियुक्तियां नहीं रोकी गईं, तो जांच प्रभावित हो सकती है। इधर, शासन की ओर से पैरवी कर रहे वकील ने इन आरोपों का विरोध करते हुए कहा कि शिकायत केवल एक सेंटर तक सीमित है। मामले में सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने इस याचिका पर अंतिम फैसला आने या अगली सुनवाई तक विभाग कोई भी नया नियुक्ति आदेश जारी करने पर रोक लगा दी है।

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