ब्रेकिंग न्यूज़ | छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ में अवैध प्रवासियों पर शिकंजा,15 नवंबर से दो माह का सघन जांच अभियान, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश,अवैध प्रवासियों को शरण देने वालों से लेकर फर्जी दस्तावेज बनाने वाले नेटवर्क तक होगी जांच।

रायपुर/छत्तीसगढ़ में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई के लिए 15 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक प्रदेशव्यापी सघन जांच अभियान चलाया जाएगा।उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने महानदी भवन,नवा रायपुर में आयोजित बैठक में सभी जिलों के अधिकारियों को अभियान के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
अभियान के दौरान औद्योगिक क्षेत्रों, निर्माण स्थलों,किराए के मकानों, होटलों, लॉज और धर्मशालाओं में जांच की जाएगी। अवैध प्रवासियों को शरण देने, रोजगार उपलब्ध कराने, एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने और फर्जी दस्तावेज तैयार करने में संलिप्त लोगों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
किराएदारों से लेकर फेरीवालों तक होगी जांच
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मकान मालिकों को किराएदारों के दस्तावेजों का सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।गांवों में ग्राम सभाओं और शहरों में पार्षदों के सहयोग से संदिग्ध मामलों की जानकारी जुटाई जाएगी। फेरी लगाकर कारोबार करने वालों के पंजीयन की व्यवस्था करने और प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
फर्जी आधार कार्ड बनाने वालों पर भी कार्रवाई
अवैध प्रवासियों की जानकारी संकलित करने और विभिन्न जिलों के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए विशेष सॉफ्टवेयर विकसित किया जाएगा। फर्जी आधार कार्ड, पासपोर्ट और अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज तैयार करने वालों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। फर्जी पाए गए आधार कार्डों को संबंधित प्राधिकरण के माध्यम से नियमानुसार निष्क्रिय कराने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।
पहचान के बाद होगी निर्वासन की कार्रवाई
गृह मंत्री ने निर्देश दिए कि संदिग्ध व्यक्तियों की नागरिकता और निवास संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन केंद्रीय गृह मंत्रालय की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाए। अवैध प्रवासी पाए जाने पर कानूनी प्रक्रिया के तहत आवश्यक कार्रवाई, होल्डिंग सेंटर में रखने और निर्वासन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच केवल व्यक्ति तक सीमित न रहे, बल्कि उससे जुड़े पूरे नेटवर्क की पहचान की जाए।
बैठक में गृह सचिव नेहा चंपावत, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम,अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अमित कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
संदिग्ध अवैध प्रवासियों की जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर: 1800-233-1905
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नागरिकों से अपील की कि अवैध प्रवास से संबंधित जानकारी होने पर निर्धारित टोल फ्री नंबर पर सूचना दें। प्राप्त सूचनाओं की संबंधित एजेंसियों द्वारा जांच की जाएगी।



