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छत्तीसगढ़

CG – 4 पुलिसकर्मी लाइन अटैच : पुलिस कस्टडी में युवक की मौत मामले में मचा बवाल, परिजनों ने मांगा इतने करोड़ का मुआवजा, 4 पुलिसकर्मी लाइन अटैच……

बलरामपुर। बलरामपुर जिले में चोरी के केस में हिरासत में लिए गए एक युवक की मौत मामले 4 पुलिसकर्मी नप गए हैं। युवक की मौत के बाद मचे बवाल पर एक्शन लेते हुए सरगुजा आईजी रेंज ने 4 पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया। 19 वर्षीय उमेश सिंह की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस पर मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया है। साथ ही राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम पर 1 करोड़ रुपये मुआवजे और दोषी पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज करने की मांग की गई है।

परिजनों का आरोप- पुलिस ने पीट-पीटकर मार डाला

मृतक उमेश सिंह को 30-31 अक्टूबर की दरमियानी रात बलरामपुर के धनंजय ज्वेलर्स में हुई 50 लाख से अधिक की चोरी के आरोप में पकड़ा गया था। रविवार को उसकी पुलिस कस्टडी में मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने उमेश को थाने में लोहे के पंजे से बेरहमी से पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई।

1 करोड़ मुआवजे की मांग

परिजनों ने सीतापुर SDM के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की कि उमेश का दोबारा पोस्टमॉर्टम अंबिकापुर और सीतापुर के डॉक्टरों की संयुक्त टीम से कराया जाए। परिजनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे शव नहीं लेंगे।

चार पुलिसकर्मी लाइन अटैच, जांच जारी

इस पूरे मामले में सरगुजा IG ने चार पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया है। वहीं, बलरामपुर के एसपी कार्यालय से जांच रिपोर्ट मांगी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है, और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

बलरामपुर एएसपी विश्वदीपक त्रिपाठी ने कहा कि प्रारंभिक जांच में उमेश सिंह के सिकल सेल की बीमारी से पीड़ित होने की जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि मौत की असली वजह का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा।

मृतक पर पहले भी थे चोरी के मामले दर्ज

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उमेश सिंह और उसका परिवार नट गिरोह से जुड़ा हुआ था। उसके पिता हीरू उर्फ फेंकू बादी पर भी कई चोरी और नकबजनी के केस दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि उमेश एक निगरानीशुदा बदमाश था, जिसके खिलाफ पहले भी आपराधिक प्रकरण दर्ज थे।

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