छत्तीसगढ़

CG – चकरबेढ़ा के बाद विधायक के गाँव धनगवां में उचित मूल्य की दुकान में बड़ा घोटाला कलेक्टर से शिकायत सो रहें मस्तूरी के जिम्मेदार अधिकारी सरकार की छवि हो रही धूमिल पढ़े पूरी ख़बर

बिलासपुर//मस्तूरी विकासखंड के कई गांवों में लगातार सरकारी राशन दुकान उचित मूल्य की दुकानों में लगातार बड़ा बड़ा घोटाला हो रहा है और खाद्य निरीक्षक कुर्सी तोड़ रहें है जिनको इन उचित मूल्य की दुकानों की देख रेख की जिम्मेदारी दी गई है वो महीने में कुछ गिनती के दिन ही पहुंचते है और मुख्यालय में बैठे अधिकारी भी इन्ही के भरोसे रहते है अब सोचने वाली बात ये है की जो खुद अपनी जिम्मेदारी कों नहीं निभा पा रहें वो क्या उच्च अधिकारीयों कों घोटालो की जानकारी देंगे मतलब साफ है मस्तूरी क्षेत्र में पदस्थ फ़ूड इंस्पेक्टर की नाकामी का ही परिणाम है की लगातार उचित मूल्य की दुकानों में घपला हितग्राहियों कों राशन नहीं मिलने की शिकायत बिलासपुर कलेक्टर कों मिल रही है पहले चकरबेढ़ा और अब धनगवां ताज्जुब की बात तो ये है की धनगवां मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया का गाँव है जहाँ आज भी उनका परिवार रहता है अब जरा इस बात कों समझिये ये घोटाले बाज विधायक के गाँव कों नहीं छोड़ रहें तो दूसरे गाँव की स्थिति समझ सकते है।

बताते चलें की कुछ दिन पहले चकरबेढ़ा के ग्रामीणों ने अपने गाँव की उचित मूल्य की दुकान संचालक पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत लिखित शिकायत किया था अब वही समस्या मस्तूरी विधायक के गाँव धनगवां वालों ने किया है जिसमे उन्होंने बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल कों बताया है कि ग्राम पंचायत धनगवां में 3 गाँवो मिलाकर धनगवां भगवानपाली पकरिया में अনमिका समूह के द्वारा 580 कार्डधारीयों को अंगुठा लगवाया गया है। बताते चलें कि तीनो गाँव मिलाकर लगभग 1100 राशन कार्ड हितग्राही है।
जहाँ मात्र 580 हितग्राहियों कों राशन बाँट कर बचे शेष राशन कार्डधारियों कों दिनांक 29.01.2026 तक चाँवल, शक्कर नमक पदान नहीं किया गया है। और जनवरी जानें कों है भारी संख्या में लाभार्थी शेष है जिसमें समस्त हितग्राहीयों को राथन वितरण कराना असंभव है अतः श्रीमान से निवेदन हैं कि ग्राम पंचायत धनगवां में नमक,चांवल, शक्कर दो दिवस के अंदर वितरण करवाने की कृपा करें।

बड़ा सवाल….

मस्तूरी में बैठे अधिकारी इनके जैसे भ्रष्ट लोगों पर क्यों एक्शन नहीं लेते आखिर किस बात की इन जिम्मेदारों कों इतनी डर भय बना रहता है जो इनकों अपने दाइत्व कों निभाने से रोक लेता है क्या ये अधिकारी जनता की कों समझना नहीं चाहते और क्यों बार बार शिकायत के बाद भी अभय दान इन भ्रष्ट उचित मूल्य दुकान के संचालकों कों दे रहें है।

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