बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक अनोखा मामला सामने आया है। तहसील मस्तूरी के ग्राम सरगवा निवासी रूपचंद मनहर ने एसबीआई मस्तूरी शाखा के बैंक प्रबंधक सुमन कुमार चौधरी पर गंभीर आरोप लगाते हुए आत्मदाह की चेतावनी दी है। मस्तूरी स्थित एसबीआइ का मैनेजर ने किसान को 12 लाख रुपये लोन देने का लालच देकर 38 हजार के मुर्गे मंगाकर खा गया। रूपचंद ने अपनी जमीन बेचकर यह रकम और मुर्गियां प्रबंधक को दे दीं, लेकिन न तो लोन स्वीकृत हुआ और न ही पैसे वापस मिले।
रूपचंद मनहर ने पोल्ट्री फार्म स्थापित करने के लिए ₹ 12 लाख का लोन आवेदन किया था। बैंक प्रबंधक सुमन कुमार चौधरी ने लोन स्वीकृति के बदले कमीशन के रूप में पैसे और मुर्गियों की मांग की। रूपचंद ने दो माह पहले यह सभी मांगें पूरी कर दीं, जिसकी रसीद भी उनके पास है। इसके बावजूद, उन्हें लोन नहीं मिला।
लोन न मिलने और अपनी संपत्ति गंवाने के बाद रूपचंद की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है। बार-बार बैंक जाने के बावजूद केवल आश्वासन देकर उन्हें लौटा दिया गया। परेशान होकर उन्होंने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। रूपचंद ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि यदि 17 दिसंबर तक उनकी दी गई राशि वापस नहीं की गई या लोन स्वीकृत नहीं हुआ, तो वह बैंक के सामने आत्मदाह करेंगे या जहर पीकर आत्महत्या कर लेंगे। उन्होंने इसके लिए सीधे बैंक प्रबंधक सुमन कुमार चौधरी को जिम्मेदार ठहराया है।
रूपचंद मनहर ने जिला प्रशासन से निवेदन किया है कि उनकी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करते हुए न्याय दिलाया जाए। स्थानीय लोग भी मामले में बैंक प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।