CG BEMETARA :दिल्ली में गूंजा “पृथ्वी बचाओ” का संदेश, बेमेतरा के गणेश वर्मा ने किया छत्तीसगढ़ का गौरवपूर्ण प्रतिनिधित
दिल्ली में गूंजा “पृथ्वी बचाओ” का संदेश, बेमेतरा के गणेश वर्मा ने किया छत्तीसगढ़ का गौरवपूर्ण प्रतिनिधित


संजू जैन:7000885784
बेमेतरा:नई दिल्ली के प्रतिष्ठित Constitution Club of India में 22 अप्रैल अंतर्राष्ट्रीय पृथ्वी दिवस के अवसर पर “पृथ्वी बचाओ सम्मेलन 2026” का भव्य आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश के नीति-निर्माता, वैज्ञानिक, उद्योगपति और पर्यावरण विशेषज्ञ एक मंच पर एकत्रित हुए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari रहे, जिन्होंने विकास और पर्यावरण के संतुलन को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।
इस अवसर पर महाराष्ट्र शासन के वित्त, योजना, कृषि, सहायता एवं पुनर्वास राज्यमंत्री एडवोकेट आशीष जायसवाल, मुख्यमंत्री पर्यावरण एवं सतत विकास कार्यबल के अध्यक्ष पाशा पटेल, दिल्ली सरकार के प्रशासनिक सुधार विभाग की सचिव सुश्री पद्मा जायसवाल (आईएएस), भारत में खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) के प्रतिनिधि तकायुकी हागीवारा, आईसीएफए के महानिदेशक एवं पूर्व सचिव डॉ. तरुण श्रीधर, सोनालिका समूह के संयुक्त प्रबंध निदेशक रमन मित्तल, अंतरराष्ट्रीय बांस एवं रतन संगठन (INBAR) की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. संगीता अगस्त्य, मायनुस्को, बेंगलुरु के संस्थापक एवं सीईओ महादेव चिक्कन्ना सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे विशेष आकर्षण के रूप में छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से भव्य सृष्टि उद्योग प्रा. लि. के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक गणेश वर्मा को वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया उन्होंने अपने प्रभावशाली उद्बोधन में बांस आधारित नवाचारों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे कार्यों को विस्तार से प्रस्तुत किया उन्होंने बताया कि उनकी संस्था द्वारा विकसित “कूच कवच” नामक विश्व का पहला बांस क्रैश बैरियर, बांस पोल, फेंसिंग सिस्टम, बायो- चारकोल, बायो-विनेगर एवं जैव उर्वरक जैसे उत्पाद न केवल पर्यावरण के अनुकूल हैं बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं उन्होंने “छत्तीसगढ़ बांसतीर्थ” की संकल्पना रखते हुए राज्य को “धान का कटोरा” के साथ “बांस हब” के रूप में विकसित करने का आह्वान किया।
सम्मेलन में गुवाहाटी की सुश्री मेघाली दास, नई दिल्ली के एमएसएमई क्लस्टर फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक मुकेश गुलाटी, देहरादून के वन अनुसंधान संस्थान के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. अजय ठाकुर, बिट्स पिलानी गोवा परिसर के प्रोफेसर डॉ. अभिषेक शर्मा, मणिपाल विश्वविद्यालय जयपुर की निदेशक एवं डीन डॉ. मधुरा यादव, महाराष्ट्र मनरेगा मिशन के महानिदेशक नंद कुमार, सूरत के अजमेरा फैशन लिमिटेड के संस्थापक एवं सीईओ अजय अजमेरा, स्टार सीमेंट लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक श्री पंकज केजरीवाल, प्राज इंडस्ट्रीज के उपाध्यक्ष डॉ. तुषार पाटिल तथा सिंधुदुर्ग के KONBAC के निदेशक संजीव कारपे ने भी अपने विचार साझा किए और सतत विकास, बांस उद्योग, हरित तकनीक एवं ग्रामीण रोजगार पर महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
अपने उद्बोधन में Nitin Gadkari ने कहा कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने महाराष्ट्र में 300 करोड़ पेड़ लगाने के संकल्प, जल संरक्षण की योजनाओं और राष्ट्रीय बांस अभियान को देश के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने यह भी कहा कि बांस जैसे संसाधनों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक विकास संभव है और यह ग्रामीण भारत की दिशा बदल सकता है।
इस सम्मेलन में गणेश वर्मा की सक्रिय भागीदारी ने न केवल बेमेतरा जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय मंच पर गौरव दिलाया। उनके उद्बोधन ने यह स्पष्ट किया कि स्थानीय स्तर पर किए गए नवाचार भी वैश्विक समाधान बन सकते हैं।
“पृथ्वी बचाओ सम्मेलन 2026” इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि यदि नीति, नवाचार और जनसहभागिता एक साथ आएं, तो पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। यह आयोजन भारत के हरित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।




