CG – भाजपा सरकार शुरू से रही है आरक्षण विरोधी,नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम के तहत ले रही झूठा श्रेय – लता निषाद

भाजपा सरकार शुरू से रही है आरक्षण विरोधी,नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम के तहत ले रही झूठा श्रेय – लता निषाद
महंगाई के कारण महिलाएं भाजपा और मोदी से नाराज इसलिए महिला आरक्षण बिल ला रही भाजपा सरकार…
जगदलपुर। आज बस्तर जिला महिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष लता निषाद जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा भाजपा सरकार तो शुरू से ही महिला आरक्षण विरोधी रही है जबकि महिला आरक्षण को लेकर कांग्रेस की समतावादी सोच का परिणाम है कांग्रेस ने महिला आरक्षण के पक्ष पर हमेशा अपना समर्थन दिया है नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम के तहत ले भाजपा सरकार सिर्फ झूठा श्रेय ले रही है महिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष लता निषाद ने आगे कहा कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी जी और राहुल गांधी जी हमेशा से प्रयत्नशील थे कि महिलाओं को उनका पूरा अधिकार मिले। कांग्रेस की यूपीए सरकार ने इस हेतु ठोस प्रयास भी किया था।महिलाओं के लिए संसद और राज्यों की विधानसभाओं में एक तिहाई आरक्षण के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह संविधान संशोधन विधेयक लाए। और यह विधेयक 9 मार्च 2010 को राज्यसभा में पारित हुआ।भाजपा की नरेंद्र मोदी सरकार अपनी जनविरोधी नीतियों के कारण अलोकप्रिय हो चुकी हे। मोदी सरकार के विफलता के कारण देश में महंगाई, बेरोजगारी चरम पर है।महंगाई से सबसे ज्यादा परेशान महिलाएं है।महिलाओं की नाराजगी दूर करने नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाया जा रहा है।तब भाजपा विपक्ष के रूप में इस पर रोड़ा अटकाते रही है। वर्तमान में भी चुनावी हार को देखते हुये महिला आरक्षण बिल लाया गया है।
कांग्रेस के लोकसभा विपक्ष राहुल गांधी ने महिला आरक्षण बिल लाने के लिये प्रधानमंत्री मोदी से बात किया था। सबसे पहले राजीव गांधी ने 1989 के मई महीने में पंचायतों और नगरपालिकाओं में महिलाओं के एक तिहाई आरक्षण के लिए संविधान संशोधन विधेयक पेश किया। वह विधेयक लोकसभा में पारित हो गया था लेकिन सितंबर 1989 में राज्यसभा में पास नहीं हो सका। अप्रैल 1993 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव ने पंचायतों और नगरपालिकाओं में महिलाओं के एक तिहाई आरक्षण के लिए संविधान संशोधन विधेयक को फिर से पेश किया। दोनों विधेयक पारित हुए और कानून बन गए।कांग्रेस की सरकारों के प्रयास से ही आज देशभर में पंचायतों और नगरपालिकाओं में 15 लाख से अधिक निर्वाचित महिला प्रतिनिधि हैं। यह 40 प्रतिशत के आसपास है। कांग्रेस ने अपनी कार्यसमिति में भी महिला आरक्षण के लिये प्रस्ताव पारित किया है। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने यूपीए की चेयरपर्सन रहते महिला आरक्षण लागू करने के लिये अनेकों बार ठोस पहल किया, तब भाजपा विपक्ष के रूप में इस पर रोड़ा अटकाते रही है। वर्तमान में भी चुनावी हार को देखते हुये महिला आरक्षण बिल लाया गया है।
महिला कांग्रेस अध्यक्ष लता निषाद ने आगे कहा कि महंगाई के कारण महिलाएं भाजपा और मोदी से नाराज है महिलाओं को लुभाने के लिए जुमलों का सहारा लिया जा रहा है,इसलिए महिला आरक्षण बिल भाजपा सरकार ला रही है सरकार महिला आरक्षण के बहाने प्रमुख मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।आज महिलाएं महंगाई, महंगे सिलेंडर और बेरोजगारी से सबसे ज्यादा परेशान हैं भाजपा सरकार जल्दबाजी में व अलोकतांत्रिक तरीके महिला आरक्षण विधेयक लागू कर रही है कुल मिलाकर सरकार की मंशा आरक्षण देने की नहीं है।



