CG – कांग्रेसी विधायक निलंबित : धान खरीदी पर विपक्ष ने रखा स्थगन प्रस्ताव, अग्राह्य होते ही नारेबाजी करते हुए गर्भगृह में पहुंचे कांग्रेस विधायक, हुए स्वमेव निलंबित….

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के चौथे दिन शून्यकाल में विपक्ष ने धान खरीदी का मुद्दा उठा। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार की नीति को फेल बताते हुए विस्तार से चर्चा के लिए स्थगन का प्रस्ताव दिया। सभापति के स्थगन प्रस्ताव को अग्राह्य करने पर कांग्रेस विधायक सदन में नारेबाजी करते हुए गर्भगृह में पहुंचे। इसके साथ ही सदस्य सदन से स्वमेव निलंबित हुए।
उमेश पटेल ने कहा कि किसानों का कर्ज काफी की जाए। और नहीं तो फिर से किसानों से खरीदी की जाए। संगीता सिन्हा ने कहा कि किसानों को धान का समपर्ण कराने मजबूर किया गया है। बालोद जिले में किसानों का पूरा धान नहीं खरीदा गया। राघवेंद्र सिंह ने कहा कि किसानों को जांजगीर जिले में खरीदी के लिए बहुत परेशान होना।
ब्यास कश्यप ने कहा कि जांजगीर जिले में 93 प्रतिशत किसान का ही धान खरीदा गया। किसानों को प्रताड़ित किया गया। किसानों को अपने हक के लिए लड़ना पड़ा है। उनके लिए एफआईआर हुई। द्वारिकाधीश यादव ने कहा कि धान और किसान का मुद्दा छत्तीसगढ़ के हित से जुड़ा है। किसान आज भी उम्मीद में है कि फिर से खरीदी होगी। लेकिन किसानों को परेशान करने काम किया गया।
रामकुमार यादव ने कहा कि किसान को समर्पण कराने के लिए मजबूर किया गया। किसानों को डराने के लिए पुलिस को भेजा गया। बालेश्वर साहू ने कहा कि जो किसान धान नहीं बेच पाए हैं उनकी खरीदी होनी चाहिए। किसानों का कर्ज माफी होनी चाहिए। विक्रम मंडावी ने कहा कि किसानों का यह प्रदेश है। बस्तर से लेकर सरगुजा तक किसान परेशान हैं। किसानों के हित में स्थगन पर चर्चा होनी चाहिए।
भोलाराम साहू ने कहा कि धान खरीदी के नाम पर किसानों को प्रताड़ित किया गया। किसानों को डराने और धमकाने का काम किया गया। किसानों की स्थिति बहुत खराब है। लोन लेकर खेती करने वाले किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो गए। अंबिका मरकाम ने कहा कि सिहावा क्षेत्र के किसान परेशान हुए। किसान इस बात दुःखी रहे कि उनका धान नहीं खरीदा गया।
कुँवर सिंह निषाद ने कहा कि पूर्व विधायक को धान बेचने के लिए धरना देना पड़ा है। जनप्रतिनिधियों को, किसानों को परेशान होना पड़ा है। यशोदा वर्मा ने कहा कि मेरे विधानसभा क्षेत्र खैरागढ़ में किसानों को परेशान होना पड़ा है। किसानों का पूरा धान नहीं खरीदा गया। एक किसान ने परेशान होकर कलेक्ट्रेट के सामने आत्महत्या की कोशिश की। ओंकार साहू ने कहा कि धमतरी जिले में भी किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। रकबा समर्पण से किसानों की हालत खराब हुई है। किसान कर्ज में डूबे हुए हैं।



