CG Crime: छत्तीसगढ़ के इस मंदिर के कुंड में चार कछुओं की संदिग्ध मौत, एक साल पुराना हाईकोर्ट वाला मामला फिर ताज़ा — जांच में जुटी वन विभाग टीम….

बिलासपुर। बीते साल छत्तीसगढ़ के रतनपुर महामाया मंदिर परिसर स्थित कुंड में 30 कछुए का शिकार का सनसनीखेज मामला सामने आया था। कछुए के शिकार का मामला हाई कोर्ट पहुंचा था। इस पर आज भी सुनवाई चल रही है। एक साल बाद एक बार फिर कुंड में मृत पाए गए कछुए को लेकर शिकार की आशंका गहराने लगी है। वन विभाग की टीम ने मृत कछुए का पीएम कराया है। पीएम रिपोर्ट के बाद स्थिति साफ होगी
छत्तीसगढ़ के रतनपुर महामाया मंदिर कुंड में चार कछुए की संदिग्ध मौत की खबर के बाद एक साल पुरानी घटना की याद एक बार फिर ताजी हो गई है। तब पहली बार ऐसा हुआ था कि पवित्र कुंड में जाल डालकर 30 कछुए का शिकार किया गया था। मंदिर परिसर में लगे CCTV कैमरे से इस गोरखधंधे की पोल खोलकर रख दी थी। तब वन विभाग ने शिकार को लेकर रतनपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराया था। मामला इतना गरमाया कि यह हाई कोर्ट पहुंच गया था। कुंड में चार कछुए की मौत के बाद एक बार फिर मामला गरमा गया है।
क्या है मामला, लोगों की क्याें जुट गई थी भीड़
छत्तीसगढ़ बिलासपुर जिले की धार्मिक नगरी रतनपुर के प्रसिद्ध मां महामाया मंदिर परिसर स्थित पवित्र कुंड में एक बार फिर कछुओं की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। कुंड के पानी में चार कछुए मृत अवस्था में तैरते मिले, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और लोगों की भीड़ जुट गई। मंदिर प्रबंधन से सूचना मिलते ही रतनपुर वन परिक्षेत्र अधिकारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सबसे पहले कुंड के आसपास जमा भीड़ को हटाया, इसके बाद चारों मृत कछुए को बाहर निकाला गया। मामला संदिग्ध नजर आने पर वन विभाग ने तत्काल आला अधिकारियों को घटना की सूचना दी। चारों मृत कछुओं को रेंज कार्यालय लाकर कानन पेंडारी जू के वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ. पी.के. चंदन से पोस्टमार्टम कराया गया। अब पीएम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे मौत की असली वजह सामने आएगी। वन विभाग ने बिसरा भी सुरक्षित रख लिया है, जिसे लैब जांच के लिए भेजा जाएगा।
पीएम रिपोर्ट पर लगी नजर
कछुओं की मौत प्राकृतिक कारणों से ना होना पाया जाता है और शिकार या शरारत की पुष्टि होती है, तब ऐसी स्थिति में वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। बता दें, बीते साल मार्च में पवित्र कुंड में 30 कछुए जाल में फंसे मृत मिले थे। लगातार सामने आ रही घटनाओं से मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गया है। गौरतलब है, कछुआ संरक्षित जीव की श्रेणी में शामिल है। कछुए का शिकार या पालन दोनों प्रतिबंधित है, इसके लिए कठोर नियम और सजा का प्रावधान है।
एसडीओ बिलासपुर वनमंडल टीआर मरई का कहना है, रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर परिसर कुंड में चार कछुए की मौत हुई है। सूचना के बाद शनिवार को वन अमला जांच के लिए पहुंचा। मृत कछुए का पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।



