CG – कुकुर्दीकेरा के पूर्व सरपंच महेंद्र सेन पर लाखों का भ्रष्टाचार करने का आरोप सामुदायिक भवन अतिरिक्त कक्ष कचरा सेड़ का पैसा तो निकला पर काम? जल्द शिकायत की तैयारी पढ़े पूरी ख़बर
CG – मस्तूरी जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत कुकुर्दीकेरा में पूर्व सरपंच महेंद्र सेन की भ्रस्टाचार की पोल अब परत दर परत खुलता जा रहा है जिसको जान ना सिर्फ ग्रामीण हैरान है बल्कि अधिकारी भी इनके द्वारा किए गए वारे न्यारे की चर्चा कर रहें है आखिर कोई सरपंच अपने ही गाँव में इतनी भ्रष्टाचार कैसे कर सकता है, जिसको ग्रामीणों ने सर आँखों पर पुरे पाँच साल बैठा रखा था जिसको पुरे गाँव वालों ने अपना बहुमूल्य वोट देकर गाँव का मुखिया बनाया था वो ऐसा भ्रष्टाचार करें तो बात जरूर होंगी और जाँच भी होंगी अब ज़ब ग्रामीणों कों इनकी घोटालों की जानकारी धीरे धीरे पता चल रहा है तो गाँव वाले भी इसको छोड़ने के मूड में नजर नहीं आ रहे और गाँव के विकास के लिए आए फंड कों डकारने वाले के खिलाफ शिकायत करने की फिर से तैयारी है ग्रामीणों द्वारा बताया गया की कुकुर्दीकेरा के पूर्व सरपंच महेंद्र सेन ने गाँव में बनने वाले चार कचरा शेड कों अधूरा छोड़ दिया पर इसकी पूरी राशि लगभग 12 लाख रुपए निकाल लिए दो अतिरिक्त कक्ष जो एक हरदी में बनना था दूसरा कुकुर्दीकेरा में जिसकी लगभग राशि एक की 3 लाख 32 हजार दूसरे की 4 लाख 17 हजार थी उसकों भी निकाल लिया पर काम अभी तक नहीं हुआ वही सामुदायिक भवन जिसकी राशि लगभग 8 लाख था उसमें से भी राशि निकाल कर काम कों अधूरा छोड़ दिया गया है।
आपको जान कर हैरानी होंगी की इस सरपंच ने आदर्श अचार सहिता में भी अपना खेल बंद नहीं किया और ज़ब सारे अधिकारी पंचायती सुचाव में ब्यस्त थे तब ये महानुभाव अपने भ्रष्टाचार की खेल में लिप्त थे इनकों मस्तूरी जनपद पंचायत के सी ई ओं ने अधूरे कार्यों कों पूरा करने कुछ महीने का समय भी दिया था पर पूर्व सरपंच महेंद्र सेन ने उनको भी ठेंगा दिखा दिया और पैसा तो खा गया पर कार्य आज भी चिल्ला चिल्ला कर अधूरी पड़ी इनकी भ्रष्टाचार की गवाही दे रही है अब देखना होगा मस्तूरी जनपद पंचायत में बैठे अधिकारी कब नींद से जाग कर रिकवरी का कार्य करते है ताकि ग्रामीणों कों राहत मिलें और गाँव की रुकी हुई विकास कार्य पटरी पर लौट सकें।
अब ज़ब ग्रामीणों ने इनके भ्रष्टाचार की पूरी जानकारी निकाल लिया है तो सभी एक जुट होकर इनकों सबक सिखाने की बात कर रहें है और इनकी शिकायत विभागीय मंत्री और बिलासपुर कलेक्टर से करने की बात कर रहें है ताकि ऐसा लूट भविष्य में गाँव में कोई भी सरपंच ना कर सकें और ना ही गाँव की विकास की रफ़्तार कम हो।



