CG- ‘बंटी-बबली’ स्टाइल में ठगी: तीन लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने का दिया झांसा, इतने लाख लेने का आरोप, दंपति पर केस दर्ज…..

रामानुजनगर। सूरजपुर जिले के रामानुजनगर थाना क्षेत्र में सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर 16 लाख रुपये लेने का मामला सामने आया है। ग्राम तेजपुर निवासी एक व्यक्ति ने पति-पत्नी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी दंपती ने उसके बेटे, बहू और नाती को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। इसी विश्वास में वर्ष 2021 के दौरान अलग-अलग तारीखों पर बैंक के माध्यम से कुल 16 लाख रुपये दिए गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि रकम लेने के बाद भी नौकरी नहीं लगवाई गई। मामले में पुलिस से जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है।
नौकरी नहीं लगी तो शिकायतकर्ता ने जब अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोप है कि उसे गाली-गलौज करने के साथ मारपीट की धमकी दी गई। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बैंक स्टेटमेंट की प्रति भी सौंपी है।
ग्राम तेजपुर निवासी बिरंजन ने रामानुजनगर थाने में शिकायत दी। आवेदन में उसने बृजलाल लकड़ा और उसकी पत्नी संतोषी लकड़ा पर आरोप लगाया है कि दोनों ने उसके बेटे, बहू और नाती को शासकीय नौकरी लगवाने का झांसा देकर कुल 16 लाख रुपए लिए।
शिकायतकर्ता के मुताबिक वर्ष 2021 में अलग-अलग तारीखों पर बैंक के माध्यम से आरोपितों को रकम दी गई। इसके बाद उसे नौकरी लगवाने का आश्वासन मिलता रहा, लेकिन लंबे समय तक नियुक्ति आदेश नहीं मिला।
नौकरी नहीं लगी तो मांगे पैसे वापस
जब काफी समय बीतने के बाद भी नौकरी नहीं लगी तो बिरंजन ने अपनी रकम वापस मांगी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पैसे वापस मांगने पर उसके साथ गाली-गलौज की गई और मारपीट की धमकी दी गई।
बिरंजन ने पुलिस से आरोपित पति-पत्नी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने के साथ 16 लाख रुपए वापस दिलाने की मांग की है।
बैंक स्टेटमेंट भी पुलिस को सौंपा
शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन के साथ बैंक स्टेटमेंट की छायाप्रति भी पुलिस को दी है। इसके जरिए उसने आरोपितों को रकम दिए जाने की बात का प्रमाण पेश करने का दावा किया है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि इस मामले को लेकर पूर्व में थाने में शिकायतें की गई थीं। आवेदन में अगस्त 2025 में साइबर थाना सूरजपुर में शिकायत किए जाने का भी उल्लेख किया गया है।
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने शिकायत को संज्ञान में लिया है। फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। बैंक लेनदेन, रकम दिए जाने के कारण और नौकरी लगाने के नाम पर किए गए कथित वादों से जुड़े तथ्यों की जांच के बाद ही मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी।
नौकरी के नाम पर ठगी से रहें सावधान
सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। ऐसे में किसी व्यक्ति द्वारा सरकारी नौकरी लगवाने या ऊंची पहुंच का दावा किए जाने पर बिना सत्यापन के पैसे देना जोखिम भरा हो सकता है। भर्ती प्रक्रिया और नियुक्ति से जुड़ी जानकारी हमेशा संबंधित विभाग की आधिकारिक प्रक्रिया से ही सत्यापित करनी चाहिए।
फिलहाल इस मामले में पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और 16 लाख रुपए के लेनदेन का वास्तविक स्वरूप क्या था।



