CG -अवैध अफीम की खेती : नौ एकड़ में की जा रही थी अफीम की खेती, कमिश्नर भी मौके पर, अब पूरे जिले की होगी जांच…..

बलरामपुर। जिले में लगातार दूसरे दिन अवैध अफीम की खेती मिलने से पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया है। ताजा मामला करोंधा थाना क्षेत्र के चंदाडांडी गांव का है, जहां खेत में अफीम की फसल लहलहाती हुई दिखाई देने की सूचना सामने आई है। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई और पूरे इलाके की जांच शुरू कर दी है।
कुसमी थाने के ही कोरंधा ग्राम पंचायत के ग्राम चंदाडांडी में भी नौ एकड़ में अफीम की खेती की सूचना आने पर बड़ा सर्च अभियान चलाया गया। इसके बाद संभाग कमिश्नर सरगुजा नरेंद्र कुमार दुग्गा भी मौके पर पहुंच गए हैं। तलाशी में बड़े पैमाने पर अफीम के पौधे मिले हैं। आधिकारिक रूप से अब भी कोई खेती के बारे में जानकारी नहीं दे रहा है। जिस इलाके में अफीम के पौधे मिले हैं, वह माओवाद प्रभावित रहा है।
सीमावर्ती इलाकों पर भी निगाह
जिले में अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन और खेती पर रोक लगाने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर राजेंद्र कटारा और पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने संपूर्ण जिले के अंतर्गत वन क्षेत्र एवं राजस्व क्षेत्रों में सघन जांच का आदेश दिया है। साथ ही जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों को संवेदनशील क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है जहां विशेष रूप से प्राथमिकता से सघन जांच की जाएगी ताकि नशीली वस्तुओं के उत्पादन और परिवहन पर नियंत्रण किया जा सके। जांच के दौरान यदि किसी भी स्थान पर अवैध मादक पदार्थों की खेती या भंडारण की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विधि अनुसार कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
संवेदनशील क्षेत्र की होगी पहचान
जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों को एनसीओआरडी की जिला स्तरीय समिति का सदस्य नियुक्त किया गया है, जो अपने-अपने अनुभाग के सम्पूर्ण क्षेत्रों में जहां अवैध मादक पदार्थों के खेती की संभावना हो सकती है, पहचान कर निर्देशानुसार संबंधित क्षेत्रों में राजस्व, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही मादक पदार्थों यथा गांजा, अफीम, भांग अथवा अन्य किसी भी प्रकार के अवैध मादक पदार्थों की खेती, परिवहन करते पाए जाने पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी।



