छत्तीसगढ़

CG – पीएम आवास का निर्माण अधूरा छोड़ना हितग्राही कों पड़ा महंगा कई माह से सरकारी चांवल शक्कर नमक देना पंचायत वालों नें किया बंद गरीब परिवार लगा रहा सरकारी कार्यालय के चक्कर पढ़े पूरी ख़बर

0 सोसायटी संचालक ने कहा- सरपंच सचिव के कहने पर रोका राशन.

कोरबा//जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवासों का निर्माण पूर्ण न होने पर पंचायत द्वारा हितग्राहियों के कई माह का सरकारी राशन (चावल, शक्कर, चना) रोकने का मामला सामने आया है। गरीब हितग्राहियों ने बताया कि उनका आवास निर्माण अधूरा होने से सरपंच- सचिव के कहने पर सोसायटी संचालक ने उनका 4- 5 महीने का राशन सामाग्री रोके रखा है, जबकि वे नियमित प्रतिमाह खाद्यान्न दुकान पहुँचकर अपने- अपने हिस्से का अंगूठा लगाते आ रहे है।

मामला पाली जनपद के ग्राम पंचायत तालापार का है,जहां की निर्वाचित सरपंच श्रीमती रमा श्याम और सचिव प्रभा टेकाम के कहने पर सोसायटी संचालक ने पीएम आवास के अधूरे निर्माण वाले दर्जनों हितग्राहियों का राशन 4- 5 माह से रोके रखा है,जिससे गरीब हितग्राहियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस पंचायत में सोसायटी संचालन की जिम्मेदारी आदिवासी महिला स्व.सहायता समूह के हाथों सौंपी गई है, जहां सरकारी राशन वितरण का कार्य समूह के सदस्य पति रामरतन द्वारा किया जाता आ रहा है।

सरकारी राशन रोके जाने के मामले को लेकर गांव की वृद्धा सावित्री बाई ने बताई कि वह अपनी परित्यक्तता पुत्री के साथ निवासरत है। उसे सोसायटी से प्रतिमाह 20 किलो चावल मिलता है, लेकिन उसके नाम स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास का निर्माण अधूरा होने से उसके चावल, शक्कर, चना लेने पर 4- 5 माह से पंचायत ने रोक लगा दिया है। जिस कारण वह हर माह सोसायटी पहुँचकर अंगूठा तो लगाती है पर राशन नही मिल रहा।

इसी प्रकार शिवकुंवर बाई ने बताई कि उसका भी पीएम आवास निर्माण अधूरा होने के कारण कई माह का राशन नही दिया गया है। वहीं कुंवरसिंह ने बताया कि उसके नाम पर आवास स्वीकृत होने के बाद प्रथम क़िस्त की राशि उसके खाते में आया है और उसने राशि भी आहरण नही की,फिर भी उसका राशन रोक दिया गया है। पंचायत द्वारा अधूरे आवास निर्माण वाले हितग्राहियों को कहा गया है कि जब तक पीएम आवास का काम पूरा नही हो जाता तब तक उन्हें राशन नही मिलेगा।

ऐसे न जाने कितनों हितग्राही जिनका पीएम आवास का निर्माण अधूरा है, उन सबका 4 से 5 माह के राशन वितरण पे पंचायत के फरमान पर रोक लगा दिया गया है। जबकि आधिकारिक तौर पर हितग्राही को मिलने वाले राशन का चावल, शक्कर, चना रोकने का कोई प्रावधान नही है। इस स्थिति में दर्जनों राशन हितग्राही राशन की मांग को लेकर सोसायटी संचालक का चक्कर काट रहे है। इस बाबत जब राशन वितरक रामरतन सिंह से चर्चा की गई तब उन्होंने बताया कि सरपंच- सचिव ने उसे अधूरे पीएम आवास वाले हितग्राहियों की सूची देकर उनके राशन सामाग्री पर रोक लगाने कहा इसलिए उन्हें राशन वितरण नही किया जा रहा। बता दें कि छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार किसी भी तरह के जुर्माने,दंड अथवा भरपाई के लिए बीपीएल कार्ड हितग्राहियों के सरकारी राशन पर रोक लगाने की धमकी देकर बाध्य नही किया जा सकता या रोक नही लगाई जा सकती है।

ऐसा किया जाना संविधान द्वारा उन्हें प्राप्त मूल अधिकारों का हनन है,साथ ही खाद्य सुरक्षा कानून का भी उल्लंघन है। किन्तु इसके विपरीत पंचायत सरपंच- सचिव के फरमान से गांव के दर्जन भर बीपीएल हितग्राही कई माह के राशन से वंचित है। सरकारी राशन नही मिलने से प्रभावित गरीब हितग्राहियों ने चावल, चना, शक्कर दिलाए जाने को लेकर प्रशासन से अपेक्षित गुहार लगाई है।

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