छत्तीसगढ़

CG – सहकारिता विभाग में घोटालों का गढ़ बना मस्तूरी मल्हार गोड़ाडीह में करोड़ों का तो रिस्दा एरमसाही में लाखों का खेला कब होंगी रिकवरी? पढ़े पूरी ख़बर

बिलासपुर//मस्तूरी क्षेत्र (छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में) में धान खरीदी केंद्रों पर कई बार घोटालों के आरोप लगे हैं, खासकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान उपार्जन के दौरान। ये अनियमितताएं फर्जी एंट्री, स्टॉक गायब होना और हेराफेरी से जुड़ी हैं।

प्रमुख घटनाएं..

सेवा सहकारी समिति मल्हार साल 2016 में तक़रीबन साढ़े चार करोड़ का घोटाला फिर 2023 – 24 में तक़रीबन 97 लाख का घोटाला धनगवा के संतु यादव पर जाँच और कानूनी कार्रवाई जारी हैँ

रिस्दा केंद्र (2024-25): 1763 क्विंटल धान (लगभग 54 लाख रुपये) रिकॉर्ड में दिखाया गया, लेकिन भौतिक स्टॉक नहीं मिला। केंद्र प्रभारी कृष्ण कुमार करियारे और ऑपरेटर सुखसागर जांगड़े पर धारा 420, 409 के तहत FIR दर्ज।

एरमसाही केंद्र (2025): 28.52 लाख रुपये का नुकसान, फर्जी खरीदी दिखाकर कंप्यूटर ऑपरेटर गिरफ्तार। गोड़ाडीह केंद्र (2024): 4950 क्विंटल धान (1.53 करोड़ रुपये) का गबन, प्रबंधक प्रकाश लहरे गिरफ्तार।

कारण और कार्रवाई..

घोटालों में फर्जी किसान नाम, अतिरिक्त एंट्री और स्टॉक बिक्री शामिल है। पुलिस ने FIR दर्ज कीं, जांच जारी है, और राज्य स्तर पर 31 अधिकारी निलंबित हो चुके हैं। हालिया मामलों में 319 क्विंटल धान की हेराफेरी (10 लाख रुपये) की आशंका जताई गई।

इस साल बहतरा में लगभग 10 लाख का घोटाला जाँच पूरा हो चूका हैँ कार्रवाई का इंतजार हैँ यहाँ भी ऑपरेटर नरेंद्र पटेल नें फर्जी तरीके से काम कों अंजाम दिया और पैसा गबन कर लिया।

ताज्जुब तब होती हैँ ज़ब इतना बड़ा बड़ा घोटाला लगातार होनें के बाद भी विभाग के उच्च अधिकारी इसके रोकथाम के लिए कुछ ठोस कदम नहीं उठा रहें हैँ और यह सिलसिला लगातार जारी हैँ कानूनी कार्रवाई लम्बी चलती हैँ पर अभी तक ना गोड़ाडीह ना रिस्दा ना धनगंवा वाले मामले में डकारे गए रकम की रिकवरी हो पाई हैँ शायद यही कारण हैँ की भ्रष्टाचार करने वालों के हौसले बुलंद हैँ।

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