CG – भक्ति उपवास और उत्सव का धार्मिक त्यौहार हैं नवरात्र मचहा में नौ दिनों तक देवी की सेवा में दिखें ग्रामीण पढ़े पूरी ख़बर
मस्तुरी//बिलासपुर जिले के मस्तूरी के मचहा में शाकम्भरी मंदिर में नवरात्र का नौ दिन हर्षोल्लास के साथ मनाया गया यहाँ प्रत्तेक वर्ष माता रानी की मंदिर में ज्योति कलश की स्थापना किया जाता हैं और पुरे गाँव वालों की सहयोग से नवरात्र संपन्न हुआ बताते चलें कि नवरात्रि का त्योहार देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा और आराधना के लिए समर्पित है।
यह बुराई पर अच्छाई की जीत और शक्ति की देवी का सम्मान करने का प्रतीक है। भारत के विभिन्न हिस्सों में इसे अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है, लेकिन इसका मूल सार एक ही रहता है: भक्ति, उपवास और उत्सव।
नवरात्रि, जिसका शाब्दिक अर्थ ‘नौ रातें’ है, हिंदू धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है। यह उत्सव साल में दो बार आता है, चैत्र मास और अश्विन मास में, जिनमें से अश्विन मास की नवरात्रि को ‘शारदीय नवरात्रि’ के नाम से जाना जाता है। यह पर्व देवी दुर्गा और उनके नौ स्वरूपों को समर्पित है, जो शक्ति, भक्ति और दैवीय ऊर्जा का प्रतीक हैं। नवरात्रि का हर दिन अपने आप में एक विशेष महत्व रखता है और यह बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है।
नवरात्रि का उत्सव एक गहरी आध्यात्मिक और पौराणिक कहानी से जुड़ा है। यह पर्व राक्षस महिषासुर पर देवी दुर्गा की नौ दिवसीय विजय का स्मरण कराता है। महिषासुर को भगवान ब्रह्मा से अमरता का वरदान मिला था, जिसके कारण वह देवताओं पर अत्याचार करने लगा।
तब सभी देवताओं ने अपनी-अपनी शक्तियों को मिलाकर मां दुर्गा को उत्पन्न किया। नौ दिनों तक चले इस भयंकर युद्ध के बाद, दसवें दिन मां दुर्गा ने महिषासुर का वध कर धर्म की स्थापना की। इसी कारण, नवरात्रि के बाद दसवें दिन को ‘विजयादशमी’ के रूप में मनाया जाता है।



