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CG – नोटिस-नोटिस खेल रहे पोड़ी उपरोड़ा बीईओ स्पष्टीकरण की आड़ में वसूली के लग रहे आरोप कार्यप्रणाली पर उठे सवाल पढ़े पूरी ख़बर

कोरबा//पोड़ी उपरोड़ा बीईओ में इन दिनों लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ नोटिस जारी करने का उद्देश्य सुधार नही, बल्कि वसूली का खेल बन गया है, जहां आकस्मित निरीक्षण के दौरान शासकीय सेवा में कमी पाए जाने वाले शिक्षकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण की आड़ में अवैध वसूली के आरोप बीईओ पर लग रहे है। यह स्थिति शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही पर बड़े सवाल उठाती है।

विभागीय सूत्रों ने जो जानकारी उपलब्ध कराई है उसके मुताबित जिले के पोड़ी उपरोड़ा बीईओ द्वारा लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाते हुए स्कूलों का आकस्मित निरीक्षण के दौरान बिना सूचना अनुपस्थित रहने, समय पर स्कूल नही पहुँचने, बच्चों के अध्यापन कार्य मे लापरवाही बरतने और मध्यान्ह भोजन में कमी पाए जाने पर शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तो मांगा जा रहा है, किंतु जारी दर्जनों नोटिस के किसी एक से भी उच्चाधिकारियों को अवगत कराने अथवा अनुशासनात्मक कार्रवाई हेतु प्रतिवेदन प्रेषित करने की आवश्यकता महसूस नही की गई है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि नोटिस- नोटिस के खेल में बीईओ की दुकानदारी खूब चल रही है। ऐसे में न केवल बीईओ पर वसूली के आरोप लग रहे है, बल्कि यह प्रक्रिया पारदर्शिता के अभाव में भ्रष्ट्राचार को बढ़ावा दे रही है।

नोटिसबाजी के इस मामले में कई शिक्षकों पर गंभीर लापरवाही उजागर हुई है, लेकिन जिले के अधिकारियों को इससे अवगत न कराना खंडशिक्षाधिकारी द्वारा वसूली की नीयत से नोटिस जारी करने के आरोप को पुख्ता करता है। विभागीय सूत्रों ने लापरवाह शिक्षकों को जारी नोटिस की कुछ प्रति उपलब्ध कराई है उसके मुताबित बीईओ ने नोटिस क्रमांक- 3652/ का.ब.सू./ 2025- 26, दिनांक 30/01/26 के अनुसार माध्यमिक शाला पिपरिया प्रधान पाठक मदनलाल राज को जारी नोटिस में उल्लेख किया है कि दिनांक 22/01/26 को मेरे द्वारा विद्यालय का आकस्मित निरीक्षण के दौरान आपके विद्यालय में प्रातः 10:30 तक नाश्ते के विवरण नही किया गया था। आप अपना कर्तव्य छोड़कर विद्यालय के बाहर बैठकर मोबाईल देख रहे थे। आपके द्वारा दैनंदिनी का संधारण भी नही किया गया है। इसी प्रकार प्राथमिक शाला हाथीदर के प्रधान पाठक जितेंद्र कुमार खांडे को नोटिस क्रमांक- 3653 जारी कर कहा गया है कि दिनांक- 17/01/26 को मेरे द्वारा आकस्मित निरीक्षण में पाया गया कि प्रातः 8:15 बजे आपका विद्यालय खुला हुआ नही था, बच्चे शिक्षकों की अनुपस्थिति में यहां- वहां घूम रहे थे, शासन द्वारा बजट उपलब्ध कराए जाने के बावजूद आपके विद्यालय भवन की पुताई नही हुई है।

वहीं प्राथमिक शाला अमहवा के प्रधान पाठक संतोष सिंह आर्मो व सहायक शिक्षक राजू जांगड़े को जारी नोटिस क्रमांक- 3654 में कहा गया है कि दिनांक- 22/01/26 को मेरे द्वारा विद्यालय के आकस्मित निरीक्षण के दौरान आपके विद्यालय में छात्राओं से पता चला कि सत्र को 8 माह बीत जाने के पश्चात भी पाठ्यक्रम पूरा नही किया गया है। पाठ्यक्रम के संबंध में जानकारी लेने पर ज्ञात हुआ कि आप लोगों के द्वारा दैनंदिनी का संधारण भी नही किया जा रहा है। जबकि समय- समय पर स्पष्ट निर्देश जारी किये गए है कि माह दिसंबर तक समस्त पाठ्यक्रम का अध्यापन कार्य पूर्ण कर छात्रों को पाठ्यक्रम की पुनरावृत्ति कराते हुए बोर्ड परीक्षा के विद्यार्थियों को ब्लू प्रिंट अनुसार अभ्यास कराते हुए बोर्ड परीक्षा की तैयारी कराई जावे।

अन्य नोटिसों में विद्यालयीन समय विद्यालय में बिना किसी पूर्व सूचना या अवकाश स्वीकृति के विद्यालय से अनुपस्थित पाए जाने और मध्यान्ह भोजन गैस चूल्हे की जगह लकड़ी चूल्हा जलाकर पकाया जाने के मामले में सभी शिक्षकों से स्पष्टीकरण तीन दिवस के भीतर मांगा गया है। जारी नोटिस में उल्लेख उक्त लापरवाही के मामले एक तरह से गंभीर है, बावजूद इसके उच्चाधिकारियों को अवगत न कराना नोटिस के बहाने अवैध वसूली के खेल को इंगित करता है। मामले पर जिला प्रशासन द्वारा संज्ञान लेने की आवश्यकता महसूस की जा रही है, ताकि स्कूल शिक्षा विभाग में लापरवाह शिक्षकों पर नियम के तहत कार्रवाई होनी चाहिए और नोटिस का डर दिखाकर वसूली के कृत्य पर रोक लग सके।

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