CG- 3 अधिकारियों को नोटिस : तीन दिन में देना होगा जवाब, नहीं तो होगी कार्रवाई, जाने पूरा मामला…..

धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पदस्थ तीन अधिकारियों को नोटिस जारी कर तीन दिवस के भीतर जवाब मांगा गया है। तीनों पर सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में लापरवाही बरतने के आरोप है। कलेक्टर ने नोटिस जारी कर चेतावनी दी है कि अगर जवाब असंतोषजनक पाए गए तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशानात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मछलीपालन विभाग की योजनाओं में न्यून प्रगति पर सहायक संचालक को नोटिस
जिले में मछलीपालन विभाग की विभिन्न योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों के विरुद्ध न्यून प्रगति तथा हितग्राहीमूलक योजनाओं के क्रियान्वयन में अपेक्षित उपलब्धि नहीं होने पर कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने सहायक संचालक, मछलीपालन एम.एस. कमल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्हें नोटिस प्राप्ति के तीन दिवस के भीतर सभी बिंदुओं पर तथ्यात्मक एवं अभिलेखीय साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
28 अक्टूबर को कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली समीक्षा बैठक के लिए प्रस्तुत विभागीय प्रगति रिपोर्ट के अवलोकन में कई महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति असंतोषजनक पाई गई। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले के लिए निर्धारित 37,993.54 मीट्रिक टन मत्स्य उत्पादन लक्ष्य के विरुद्ध 21,277.37 मीट्रिक टन उत्पादन दर्ज किया गया है। इसी प्रकार मत्स्य कृषक प्रशिक्षण के निर्धारित 573 हितग्राहियों के लक्ष्य के विरुद्ध 395 हितग्राहियों को ही प्रशिक्षण दिया गया है।
नोटिस में मत्स्य अंगुलिकाओं के संचयन में 700 इकाई के लक्ष्य के विरुद्ध 450 इकाई की उपलब्धि तथा झींगा पालन सहायता योजना में 50 इकाई के लक्ष्य के विरुद्ध शून्य उपलब्धि पर भी असंतोष व्यक्त किया गया है। वहीं, मत्स्य कृषकों को किसान क्रेडिट कार्ड से लाभान्वित करने के लिए निर्धारित 8,500 के लक्ष्य के विरुद्ध 1,053 प्रकरण प्रस्तुत और 516 प्रकरण स्वीकृत होना दर्शाया गया है। फिशरीज इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (FIDF) के अंतर्गत एक्वा इंश्योरेंस एवं अधोसंरचना निर्माण से संबंधित प्रकरणों में भी शून्य उपलब्धि पाई गई है।
कलेक्टर ने योजनाओं की नियमित समीक्षा, लक्ष्यपूर्ति तथा पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने की दिशा में अपेक्षित प्रयास नहीं किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की है। नोटिस में इसे पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही एवं उदासीनता का प्रथम दृष्टया मामला मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के प्रावधानों के उल्लंघन के संबंध में विचारणीय बताया गया है।
निर्धारित समय-सीमा में संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने अथवा जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए उच्च कार्यालय को लेख किए जाने की चेतावनी दी गई है।
उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं को नोटिस
जिले में कृत्रिम गर्भाधान एवं वत्सोत्पादन कार्यक्रमों में निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध कम उपलब्धि और राज्य स्तर पर जिले की कमजोर रैंकिंग को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने उपसंचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. अवधेश मरकाम को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्हें नोटिस प्राप्ति के तीन दिवस के भीतर बिंदुवार तथ्यात्मक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में 28 अक्टूबर को प्रस्तावित समीक्षा बैठक के लिए प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, जिले में कृत्रिम गर्भाधान के निर्धारित लक्ष्य 39,400 के विरुद्ध मात्र 7,773 की उपलब्धि (19.72 प्रतिशत) तथा वत्सोत्पादन के लक्ष्य 8,142 के विरुद्ध 2,264 की उपलब्धि (27.80 प्रतिशत) दर्ज की गई है।
कलेक्टर ने कम प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए विभागीय कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन, मैदानी अमले की सक्रियता, नियमित मॉनिटरिंग तथा लक्ष्यपूर्ति के लिए किए गए प्रयासों का विवरण मांगा है। साथ ही, आगामी अवधि में प्रगति सुधारने के लिए स्पष्ट लक्ष्य, समय-सीमा, उत्तरदायी अधिकारी-कर्मचारी और साप्ताहिक समीक्षा व्यवस्था सहित ठोस सुधारात्मक कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
कृत्रिम गर्भाधान एवं वत्सोत्पादन कार्यक्रम पशुधन की नस्ल सुधार, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि और पशुपालकों की आय संवर्धन की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि प्रथम दृष्टया यह स्थिति छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के उल्लंघन की श्रेणी में विचारणीय है। निर्धारित समय-सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने अथवा स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाए जाने पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए उच्च कार्यालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
कार्यपालन अभियंता को नोटिस
ग्राम सेमरा (बी) स्थित स्टॉप डैम की स्थिति, निर्माण कार्य की गुणवत्ता एवं उपयोगिता को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित वीडियो के संबंध में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने संज्ञान लेते हुए जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता बी.एल. खण्डेल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
प्रसारित वीडियो में सेमरा (बी) स्थित स्टॉप डैम की बदहाल स्थिति को प्रदर्शित करते हुए किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निर्मित इस संरचना की उपयोगिता एवं निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए हैं। इस संबंध में निर्माण कार्य के क्रियान्वयन, गुणवत्ता, विभागीय पर्यवेक्षण तथा संधारण की स्थिति स्पष्ट करने की आवश्यकता बताई गई है।
कलेक्टर द्वारा जारी नोटिस में संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे उक्त वीडियो में उठाए गए बिंदुओं के संबंध में तथ्यात्मक एवं अभिलेख-समर्थित स्पष्टीकरण तीन दिवस के भीतर प्रस्तुत करें।
नोटिस में उल्लेख किया गया है कि स्टॉप डैम जैसे महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों का उद्देश्य किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के साथ ही जल संरक्षण को बढ़ावा देना है। ऐसे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, उपयोगिता एवं उचित संधारण सुनिश्चित करना संबंधित विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी है |निर्धारित समय-सीमा में संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने पर उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई के लिए प्रकरण प्रस्तुत किए जाने की चेतावनी भी दी गई है।



