CG – बहतरा धान खरीदी केंद्र में 8 फरवरी कों भौतिक सत्यापन के बाद बढ़ा 319 क्विंटल धान विभाग में मचा हड़कंप क्या कहती है अधिकारी वर्मा जानें पढ़े पूरी ख़बर
मस्तूरी//बिलासपुर जिले के मस्तूरी में सहकारिता विभाग में फिर एक बड़े घोटाले की जानकारी सामने आ रही है यह मामला भी धान खरीदी से जुड़ा है और यह कही और नहीं बल्कि मस्तूरी के ही बहतरा में उजागर हुआ है और ताज्जुब की बात तो ये है की यह सब कुछ राज्य सरकार के द्वारा धान खरीदी बंद किए जाने के बाद हुआ है आपको भी यह बात हजम नहीं हो रही होंगी पर ये सच है दरअसल बिलासपुर जिले के मस्तूरी विकास खण्ड के पचपेड़ी तहसील में आने वाले बहतरा धान खरीदी केंद्र में ऐसा खेल खेला गया जिसको सुन कर हर कोई हैरान हो जाएगा राज्य सरकार नें तय किया था की किसानों से 31 जनवरी तक समर्थन मूल्य में धान खरीदी किया जाएगा पर कुछ किसानों की धान तय समय में नहीं बिक सका जिसके बाद डेट कों बढ़ाया गया और 6 फरवरी तक किसानों का धान ख़रीदा गया और बहतरा में धान खरीदी की क्लोज़िंग रिपोर्ट में भी यही दिखा रहा है और यहाँ के ऑपरेटर नें भी यही रिपोर्ट सहकारिता विभाग के अधिकारीयों कों भेजा है जिसमे खरीदी गई धान की मात्रा 40135.60 दिखा रहा है। इसके बाद शुरू हुआ असली खेल और इसके बाद राज्य सरकार नें एनआईसी पोर्टल कों 6 फरवरी के बाद बंद कर दिया क्यों की धान खरीदी बंद हो चुकी थी, फिर 15 फरवरी कों बहतरा धान खरीदी केंद्र में अचानक खरीदी गई धान की मात्रा में लगभग 319 क्विंटल 798 बोरी धान टोटल खरीदी 40454.80 दिखाने लगा बताते चलें की यहाँ अब बहतरा धान खरीदी में टोटल खरीदी गई धान की मात्रा में 319.2 क्विंटल ज्यादा दिखाने लगा वो भी ये धान तब खरीदी गई जब धान खरीदी बंद हो चुकी थी। जानने योग्य बात ये है की नोडल अधिकारी नवीन मेश्राम नें ज़ब धान खरीदी केंद्र बहतरा का भौतिक सत्यापन दिनांक 08,02,26, किया तब भी धान की मात्रा 40135.60 क्विंटल था फिर अचानक कैसे लगभग 319 क्विंटल धान कहाँ से ख़रीदा गया वो भी तब ज़ब खरीदी बंद हो चूका था आखिर ये घपला कैसे हुआ और इसपे किसी अधिकारी का ध्यान कैसे नहीं गया जो जाँच का विषय जरूर है क्या यह एक मिस्टेक है या कोई बड़ा घोटाला यह तो जाँच के बाद ही पता चल पाएगा।
वही इस पुरे मामले में बहतरा के प्रबंधक उमाशंकर पटेल नें कहा की उनको इस बारे में मार्च में ही पता चला ज़ब टोटल खरीदी गई धान की रिपोर्ट निकाला गया मुझे तो कंप्यूटर चलाना नहीं आता इसके बारे में ऑपरेटर ही बता पायेगा।
वही ऑपरेटर नरेंद्र पटेल का कहना है की उनसे रिपोर्ट बनाने में गलती हुई है हालांकि हमने उनको सही रिपोर्ट देनें की बात कही तो वो नहीं दे पाए अब तो जाँच के बाद ही सत्य सामने आएगा क्या ये सिर्फ एक गलती है या एरमसही जैसा घोटाला जो सिर्फ अपनी जेब भरने के लिए किया गया था।
31 जनवरी तक खरीदी गई धान की मात्रा 40135.60
7 मार्च 2026 ज़ब खरीदी बंद हो चुकी थी तक खरीदी गई धान की मात्रा 40454.80
वही इस पुरे मामले में मस्तूरी सहकारिता विभाग की ब्लॉक सहकारिता विस्तार अधिकारी गोधूलि वर्मा बताती है कि जाँच कराया जा रहा है जाँच के बाद ही पता चलेगा की आंकड़ों में गड़बड़ी की वजह से ऐसा हुआ या ये जान बुच कर भ्रष्टाचार किया गया है।



