छत्तीसगढ़

CG- जज और उनके परिवार वालों से प्रॉपर्टी डीलर ने की मारपीट, इस वजह से मचा बवाल, FIR दर्ज, जाने पूरा मामला…..

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में जन्मदिन की पार्टी के दौरान ढोल-नगाड़े बजाने और पटाखे फोड़ने को लेकर विवाद हो गया। शोर-शराबे का विरोध करने पर कुटुंब न्यायालय में पदस्थ एक न्यायाधीश और उनके परिवार के साथ मारपीट किए जाने का आरोप है। बताया जा रहा है कि प्रॉपर्टी डीलर अभय बरुआ और उसके साथियों ने न्यायाधीश व उनके परिजनों को घेरकर पहले गाली-गलौज की, फिर हाथ-मुक्कों से हमला कर दिया।

घटना में न्यायाधीश की पत्नी, साला और परिवार के अन्य सदस्य भी विवाद की चपेट में आ गए। मारपीट में न्यायाधीश की शर्ट के बटन टूट गए, उनकी पत्नी और साले का चश्मा भी आरोपियों ने छीन लिया। घटना राजकिशोर नगर के जूनियर एमआईजी क्षेत्र की है।

पढ़िए क्या है पूरा मामला?

जज प्रफुल्ल कुमार सोनवानी महासमुंद के परिवार न्यायालय में पदस्थ हैं। वे पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अवकाश लेकर अपनी पत्नी और परिवार के साथ ससुराल आए थे। परिवार के सभी सदस्य घर में सो रहे थे। इसी दौरान अचानक तेज आवाज में नगाड़े बजने और पटाखे फोड़ने का सिलसिला शुरू हो गया। शिकायत के मुताबिक करीब 45 मिनट तक लगातार शोर होता रहा। इससे घर में मौजूद बच्चे और बुजुर्ग भी घबराकर उठ गए।

शोर की वजह जानने और उसे बंद कराने के लिए जज घर से नीचे पहुंचे। वहां गली में करीब 100 से 200 लोगों की भीड़ जमा थी। आरोप है कि अभय बरुआ के घर के अंदर और बाहर जन्मदिन का कार्यक्रम चल रहा था और वहां मौजूद कई लोग नशे में थे।

जज ने तेज आवाज में नगाड़े बजाने और पटाखे फोड़ने से मना किया तो अभय बरुआ और उसके साथी विवाद करने लगे। उन्होंने कथित तौर पर पूछा कि उन्हें रोकने वाले वे कौन होते हैं। इसके बाद गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और उनके साथ छीना-झपटी शुरू कर दी।

जज के साथ विवाद होते देख उनकी पत्नी आकांक्षा प्रफुल्ल, साला अभिषेक भारद्वाज, सास नीरा भारद्वाज और साले की पत्नी गुरप्रीत कौर भारद्वाज भी मदद के लिए नीचे पहुंचे। आरोप है कि अभय बरुआ और उसके साथियों ने सभी को घेर लिया और हाथ-मुक्कों से मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान न्यायाधीश की शर्ट के सामने के हिस्से के बटन टूट गए। उनकी पत्नी और साले का चश्मा भी आरोपियों ने छीन लिया। जज की शिकायत के अनुसार, जन्मदिन के कार्यक्रम में हो रहे शोर का विरोध करने पर उनके और परिवार के साथ यह मारपीट की गई। शिकायत के मुताबिक, 100 से 200 जोगों की भीड़ ने

आरोप यह भी है कि हमलावर घर में घुसकर गुंडागर्दी करते रहे। इसके बावजूद पुलिस ने केवल साधारण और जमानती धाराओं में केस दर्ज किया। इस मारपीट की घटना में हिस्ट्रीशीटर वसीम खान की मौजूदगी भी सामने आई है। आरोप है कि वह भी भीड़ के साथ मौके पर मौजूद था।

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