छत्तीसगढ़

CG – राहुल कुमार पांडेय ने जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल को भेंट की प्रेरणादायक पुस्तक “रुकना सीखिए”…

राहुल कुमार पांडेय ने जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल को भेंट की प्रेरणादायक पुस्तक “रुकना सीखिए”

पाठकों में बढ़ रही लोकप्रियता

जगदलपुर, बस्तर। गणित व्याख्याता, लेखक एवं सामाजिक चिंतक राहुल कुमार पांडेय ने अपनी प्रेरणादायक पुस्तक “रुकना सीखिए” बस्तर के जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल को सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर शिक्षा, जीवन मूल्यों और युवाओं के व्यक्तित्व विकास से जुड़े विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।

जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल ने पुस्तक के विषय और उद्देश्य की सराहना करते हुए कहा कि आज के तेज़ रफ्तार जीवन में लोगों को ठहरकर सोचने, आत्ममंथन करने और सही दिशा चुनने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि “रुकना सीखिए” जैसी पुस्तकें विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम पाठकों को धैर्य, सकारात्मक सोच और जीवन में संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देती हैं। ऐसी रचनाएँ समाज में सकारात्मक विचारों को मजबूत करने का काम करती हैं।

लेखक राहुल कुमार पांडेय ने बताया कि उनकी यह पुस्तक जीवन की भागदौड़ में उलझे लोगों को ठहरकर स्वयं को समझने, अपनी गलतियों से सीखने और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में लोग सफलता की दौड़ में मानसिक तनाव और असंतुलन का सामना कर रहे हैं, ऐसे समय में यह पुस्तक जीवन को सरल और संतुलित बनाने की दिशा में मार्गदर्शन देने का प्रयास करती है।

उन्होंने यह भी बताया कि “रुकना सीखिए” को पाठकों से लगातार अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी पुस्तक को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है और बड़ी संख्या में पाठक इसे खरीदकर पढ़ रहे हैं। पाठकों द्वारा मिल रहे प्रोत्साहन और सराहना से लेखक को और बेहतर लिखने की प्रेरणा मिल रही है।

उन्होंने कहा कि यह पुस्तक केवल साहित्यिक कृति ही नहीं, बल्कि जीवन के अनुभवों और चिंतन का सार है, जो पाठकों को आत्मविश्लेषण और सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित करती है।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने भी पुस्तक की विषयवस्तु को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि ऐसी रचनाएँ समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देती हैं।

“रुकना सीखिए” वर्तमान समय में युवाओं, विद्यार्थियों, शिक्षकों और सामान्य पाठकों के लिए समान रूप से उपयोगी मानी जा रही है। जो भी व्यक्ति जीवन की भागदौड़ में ठहरकर स्वयं को समझना और बेहतर दिशा में आगे बढ़ना चाहता है, उसके लिए यह पुस्तक एक उपयोगी मार्गदर्शक सिद्ध हो सकती है।

Related Articles

Back to top button