CG – निरधी में विकसित भारत जी राम जी योजना में घोटाला ग्राम रोजगार सहायक पर अनियमितता का आरोप अधिकारी दे रहें संरक्षण पढ़े पूरी ख़बर
कोरबा//पाली जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत निरधी में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना विकसित भारत जी राम जी के कार्यों में भारी अनियमितता का मामला सामने आया है। इसमें ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक पर योजना के तहत चल रहे कार्यों में गड़बड़ी और मनमानी करने का गंभीर आरोप लगा है। इस संबंध में गांव के ही जागरूक ग्रामीण ने जनपद पंचायत पाली के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से लिखित शिकायत कर पूरे मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। लेकिन सीईओ का रवैया ढुलमुल है।
शिकायतकर्ता जगदीश यादव ने अपने शिकायत में बताया है कि जी राम जी के अंतर्गत होने वाले कार्यों में न तो नियमानुसार मजदूरी का भुगतान हो रहा है और न ही कार्यों की गुणवत्ता का ध्यान रखा जा रहा है। आरोप है कि कागजों पर काम दिखाकर राशि का बंदरबांट किया जा रहा है। इस गंभीर शिकायत को लेकर जब जनपद सीईओ श्रीवास से उनका पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल नंबर क्रमांक- 94061 24105 पर संपर्क करने का प्रयास किया, तो उनका फोन लगातार कॉल वेटिंग बताता रहा।
हैरानी की बात यह है कि इतने जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी ने खबर लिखे जाने तक रिटर्न कॉल करना भी उचित नहीं समझा। वहीं जब इस संबंध में आरोप लगे रोजगार सहायक कैलाश कश्यप से उनके मोबाइल नंबर क्रमांक- 79995 21892 पर प्रतिक्रिया लेनी चाही, तो उन्होंने मीटिंग में हूँ समय मिलने पर बात करूंगा कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया और फोन काट दिया।
सीईओ श्रीवास के संरक्षण में फल- फूल रहा भ्रष्टाचार?
रोजगार सहायक का इस तरह से बात टालना और सीईओ का फोन न उठाना और न ही वापस कॉल करना, कई गंभीर सवाल खड़े करता है। इससे यह स्पष्ट इंगित होता है कि जनपद पंचायत पाली में सीईओ के संरक्षण में पंचायत स्तर पर कर्मचारियों की मनमानी चरम पर है। यदि जनपद के मुखिया का ही यही रवैया रहा तो आम ग्रामीण अपनी शिकायत लेकर कहाँ जाएगा? विकसित भारत जैसी महत्वपूर्ण योजना में यदि इसी तरह से भ्रष्टाचार होता रहा तो सरकार की मंशा पर पानी फिरना तय है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ग्राम पंचायत निरधी में जी राम जी योजना के तहत हुए कार्यों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषी रोजगार सहायक के साथ- साथ लापरवाह सरपंच, सविव व अधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाए।


