छत्तीसगढ़

CG- स्कूल बना तंत्र-मंत्र का अड्डा : क्लासरूम के बाहर मिली तंत्र-मंत्र की सामिग्री, लाइट-पंखे तोड़े और टेबल-चेयर को जलाया, छात्रों – शिक्षकों डर का माहौल……

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के केलाबाड़ी स्थित शासकीय प्राथमिक-पूर्व माध्यमिक शाला से तंत्र-मंत्र करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां स्कूल परिसर में कथित तंत्र-मंत्र जैसी हरकतों और तोड़फोड़ की घटनाओं ने छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के बीच भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।

स्कूल प्रबंधन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले क्लासरूम के बाहर चुनरी, माला और गोबर-मिट्टी से बनाए गए संदिग्ध निशान देखे गए थे। इन निशानों को तंत्र-मंत्र से जोड़कर देखा जा रहा है। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब क्लासरूम के भीतर भी इसी तरह के निशान पाए गए। शिक्षकों का कहना है कि इस संबंध में पहले भी पुलिस से शिकायत की गई थी, लेकिन घटनाओं का सिलसिला थमने के बजाय और बढ़ गया।

ताजा घटनाक्रम में असामाजिक तत्वों ने स्कूल परिसर में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की। टेबल-कुर्सियों को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ एक क्लासरूम में रखे फर्नीचर को आग के हवाले कर दिया गया। इतना ही नहीं, महत्वपूर्ण शैक्षणिक दस्तावेजों को भी जला दिया गया, जिससे स्कूल प्रशासन को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। क्लासरूम में लगे पंखे, लाइट और बिजली के बोर्ड तक तोड़ दिए गए हैं। बोर के केबल को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया, जिससे पेयजल व्यवस्था प्रभावित हुई है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी जिले के बोरसी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में इसी प्रकार की तंत्र-मंत्र से जुड़ी घटना सामने आई थी, जहां प्रिंसिपल कार्यालय के सामने कथित रूप से कोयल की बलि दिए जाने की बात सामने आई थी। अब प्राथमिक और मिडिल स्कूल परिसर को निशाना बनाए जाने से स्थानीय लोगों में असुरक्षा की भावना और गहरी हो गई है।

केलाबाड़ी परिसर में पहली से आठवीं तक की कक्षाएं संचालित होती हैं। लगातार हो रही घटनाओं के कारण छोटे बच्चों में भय स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। कई अभिभावकों ने बताया कि बच्चे स्कूल जाने से डर रहे हैं। वहीं, शिक्षक भी स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि स्कूल बंद होने के बाद असामाजिक तत्व बाउंड्री तोड़कर परिसर में प्रवेश कर जाते हैं। कई बार क्लासरूम के ताले तोड़े जाने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

शिक्षकों के अनुसार, स्कूल प्रबंधन द्वारा पुलिस और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में कई बार शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। बावजूद इसके स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इससे नाराज शिक्षकों ने अब पद्मनाभपुर थाना में पुनः शिकायत दर्ज कराई है।

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