CG – सीपत एनटीपीसी का राखड डैम बना दर्जनों गाँव वालों के लिए मुशीबत खाना और पानी में भी घुस रहा सफ़ेद राख कब होगा इनकी समस्या दूर प्रबंधन मौन पढ़े पूरी ख़बर
बिलासपुर//एनटीपीसी सीपत के राखड़ डैम से निकलने वाली राख ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बन गई है खास कर गर्मी के दिनों में आसपास बसे दर्जनों गाँव के निवासी राखड से प्रभावित हो रहें हैं हवा चलते ही यह राखड डेम का सफ़ेद राख फ़ैल जाता हैं जिससे राहगीरों और ग्रामीणों कों समस्या हो रही हैं विजिबिलिटी भी कम हो जाती हैं। इसके अलावा यह राख खेतों को बंजर बना रही है, स्वास्थ्य खराब कर रही है और जीवन कठिन बना रही है।
मुख्य समस्याएं राखड़ डैम से उड़ने वाली रासायनिक राख (आर्सेनिक,पारा आदि युक्त) घरों, पानी और फसलों को प्रदूषित कर रही है, जिससे गर्मी में खाना-पीना दुश्वार हो जाता है।सैकड़ों एकड़ उपजाऊ जमीन दलदल या बंजर हो गई है, जल रिसाव से खेती असंभव हो चुकी हैं।
स्वास्थ्य प्रभाव..
सांस की बीमारियां, कैंसर ग्रामीणों की शिकायतें एनटीपीसी ने प्लांट स्थापना (24 वर्ष पूर्व) के समय रोजगार, विकास का वादा किया, लेकिन नौकरी नहीं मिली और प्रदूषण नियंत्रण नहीं हुआ।
किसान मुआवजे और सुविधाओं की मांग कर रहे हैं; हाल में कौड़िया गांव के 50 किसानों ने HR गेट पर धरना दिया
प्रशासन और प्लांट प्रबंधन की उदासीनता से ग्रामीण तिल-तिल मरने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों के विरोध के बाद तहसीलदार ने निरीक्षण कराया, लेकिन किसान संतुष्ट नहीं हुए ग्रामीणों का कहना हैं की वो रोजगार के लिए तो एन टी पी सी की स्थापना के समय से ही लड़ रहें हैं पर गर्मी के दिनों में राखड डेम से उनको जो समस्या फेस करना पड़ता हैं वो बर्दास्त के बाहर हैं ना वो चैन से खाना खा पा रहें ना रह पा रहें प्रत्तेक स्थिति में उनको सफ़ेद राखड कों फेस करना पड रहा हैं यह समस्या लम्बे समय से चली आ रही हैं जिसका ना कोई हल निकला हैं ना ही भविष्य में इसके कोई आसार नजर आ रहें अब हम करें तो क्या करें।
ये गाँव हो रहें प्रभावित..
रॉक,रलिया, हरदाडीह,भिलाई,गतौरा,सुखरीपाली,कौड़िया,देवरी, एरमशाही,मुड़पार।




