छत्तीसगढ़

CG – किसानों के चेहरे में लौटी मुस्कान रिस्दा धान खरीदी केंद्र की धरना के बाद बढ़ी लिमिट अधिकारीयों और किसानों में हुई कहा सुनी जानें पढ़े पूरी ख़बर

मस्तूरी//रिस्दा धान खरीदी केंद्र में किसानों की मांग पूरी हो गई है यहाँ 600 क्विंटल खरीदी की लिमिट कों बढ़ाया गया है इससे पहले किसान सुबह से है धरने पर बैठे थे जहाँ सूचना मिलते ही तहसीलदार जयंती देवांगन अपनी टीम के साथ पहुंची थी फिर खाद्य विभाग बिलासपुर की पूरी टीम मौक़े पर पहुंची जिसके बाद किसानों और अधिकारीयों की बात हुई और इनकें यहाँ की लिमिट बढ़ाई गई फिर दोपहर 12 बजे किसानों नें धरना बंद किया किसानों नें एसडीएम मस्तूरी प्रवेश पैकरा पर समस्या बताने कॉल करने पर कॉल रिसीव नहीं करने का आरोप लगाया और इसी कारण तहसीलदार कों किसानों कें गुस्से का सामना करना पड़ा। बताते चलें कि धान खरीदी केंद्र रिस्दा में किसानों ने सुबह धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था किसानों द्वारा कुछ दिनों पहले ही मस्तूरी अनुविभागीय अधिकारी प्रवेश पैकरा को किसानों ने अपनी समस्या से मस्तूरी कार्यालय पहुंचकर अवगत कराया था और धान खरीदी केंद्र में लिमिट बढ़ाने के लिए ज्ञापन सौंपा था जिस पर लिमिट नहीं बढ़ने पर धान खरीदी केंद्र में किसानों द्वारा धरना आज शुक्रवार कों दिया गया सभी किसान चिंतित थे कि लिमिट नहीं बढ़ा तो उनका धान फसल खरीदी केंद्र में बिक ही नहीं पाएगा इसी डर के कारण किसानों ने मोर्चा खोल दिया था और रिस्दा धान खरीदी केंद्र में सुबह से ही धरना शुरू कर दिया था जिसके कारण आज के डेट में जिन किसानों का टोकन कटा हुआ था उनको इंतजार करना पड़ा वह धान लेकर रिस्दा धान खरीदी केंद्र पहुंचे पर गाड़ी अंदर नहीं जा पा रही थी क्योंकि किसानों ने रास्ता जाम कर दिया था। किसानों नें इससे पहले एसडीएम मस्तूरी कों ज्ञापन सौंपा था। जिसमे बताया गया था कि सेवा संहकारी समिति मस्तुरी पं.क्र. 169 .के उपार्जन केन्द्र रिस्दा आईडी क्र. 40012702 में धान खरीदी की प्रतिदिन की लिनिट कम हैं। टोकन सुचारू रूप से जारी करने के लिये प्रतिदिन खरीदी लिमिट कों बढ़ाने की आवश्यकता हैं। क्योकि अभी तक की खरीदी दिनांक 06 /01/2026 तक 25240 क्वि.खरीदी हो चुका है जहाँ की 51000 क्विंटल खरीदी होना है। जो की खरीदी लिमिट पर खरीदी होना असंभव लग रहा है। अतःकिसानों की समस्या का समाधान करने की कृपा करे। समस्या का समाधान नही होने पर आज दिनांक से एक दिन पश्चात किसानों और सरपंच के द्वारा रिस्दा धान खरीदी केंद्र में हड़ताल किया जायेगा जिसकी सम्पुर्ण जवाब देही शासन की होगी।

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