छत्तीसगढ़

CG- ठगी का ऐसा जाल कि कारोबारी के उड़ गए 1.88 करोड़, महिला मास्टरमाइंड गिरफ्तार होते ही खुलेंगे कई राज?

रायपुर। राजधानी के सदर बाजार में ज्वेलरी कारोबारी से 1.88 करोड़ रुपए के सोने, चांदी और हीरे के गहने ठगने के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। वारदात के बाद से फरार चल रही मुख्य आरोपी किरण साहू को एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, इस मामले में शामिल दूसरी महिला योगिता अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसकी तलाश की जा रही है।

इधर, किरण साहू की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। उसके खिलाफ गुढ़ियारी थाने में भी दो लोगों ने ठगी की शिकायत की है। अब गुढ़ियारी पुलिस भी इस मामले में FIR दर्ज करने की तैयारी कर रही है।

सदर बाजार में ज्वेलरी कारोबारी के साथ हुई करोड़ों की ठगी की शिकायत मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने आरोपियों की पहचान कर उनकी जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इसके बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच आगे बढ़ाई।

पुलिस ने शिकायतकर्ता से पूछताछ कर लेन-देन और संदिग्ध महिलाओं के बारे में जानकारी जुटाई। इसी आधार पर किरण साहू की पतासाजी की गई और उसे उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में किरण ने अपनी साथी योगिता के साथ मिलकर घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। हालांकि, ठगी से हासिल किए गए आभूषणों की बरामदगी को लेकर पुलिस की जांच जारी है।

पुलिस के मुताबिक, मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के सदर बाजार स्थित विधि ज्वेलर्स एंड बुलियन का है। दुकान के संचालक रिखब बरडिया ने पुलिस को शिकायत दी थी कि 24 अगस्त 2026 को किरण साहू अपनी साथी योगिता के साथ दुकान पहुंची थी। किरण ने खुद को नगर निगम के आवास विभाग में काम करने वाली बताया। इसी परिचय के जरिए उसने कारोबारी का विश्वास हासिल किया।

शिकायत के मुताबिक, पहली बार दोनों महिलाएं करीब 37 लाख रुपए के सोने के आभूषण लेकर गईं। इसके बदले 250 ग्राम सोने का बिस्कुट और सात लाख रुपए नकद दिए गए। बाकी 15 लाख रुपए के भुगतान के लिए चेक दिया गया। शुरुआत में कुछ भुगतान मिलने से कारोबारी को भरोसा हो गया कि बाकी रकम भी मिल जाएगी।

पहली खरीदारी के दो दिन बाद, 26 अगस्त को किरण साहू और योगिता फिर दुकान पहुंचीं। इस बार उन्होंने सोने, चांदी और हीरे के आभूषण लिए, जिनकी कीमत 1,73,37,630 रुपए बताई गई। भुगतान के लिए एक और चेक दिया गया। महिलाओं ने कारोबारी को भरोसा दिलाया कि दो-तीन दिनों में सोने के बिस्कुट दे दिए जाएंगे।

इस तरह शिकायत के मुताबिक, दोनों महिलाओं ने दो बार में कुल 1,88,37,630 रुपए के आभूषण हासिल किए। लेकिन तय समय में भुगतान नहीं हुआ और कारोबारी को अपने पैसे वापस नहीं मिले।

कारोबारी ने 1 सितंबर को 15 लाख रुपए का चेक बैंक में जमा किया। लेकिन चेक पर हस्ताक्षर गलत होने के कारण बैंक ने उसका भुगतान नहीं किया। इसके बाद रिखब बरडिया ने किरण साहू से संपर्क कर बकाया रकम के बारे में पूछा।

शिकायत के मुताबिक, किरण लगातार भुगतान करने का आश्वासन देती रही, लेकिन न तो रकम मिली और न ही आभूषणों का हिसाब दिया गया। आखिरकार कारोबारी ने पुलिस से शिकायत की। इसके बाद कोतवाली थाने में धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

किरण साहू की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की जांच का फोकस उसकी फरार साथी योगिता और ठगी से हासिल किए गए आभूषणों पर है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों महिलाएं गहने कहां ले गईं और उनका क्या किया गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2) और 61(2) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

ज्वेलरी ठगी के मामले में किरण साहू की गिरफ्तारी के बीच गुढ़ियारी थाने में उसके खिलाफ दो अन्य लोगों की शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि किरण ने उन्हें आवास दिलाने का भरोसा देकर 20 से 25 लाख रुपए लिए थे। इस मामले में गुढ़ियारी पुलिस FIR दर्ज करने की तैयारी में है।

यदि इस मामले में भी FIR दर्ज होती है, तो पुलिस को आवास दिलाने के नाम पर रकम लेने के आरोपों की अलग से जांच करनी होगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी शिकायतों और FIR दर्ज किए जाने की तैयारी तक सीमित है। इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

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