CG- सस्पेंड ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ के चर्चित धान घोटाले में बड़ा एक्शन, DMO को तत्काल प्रभाव से किया निलंबित, चूहों पर थोपा था इल्जाम…जाने पूरा मामला….

कवर्धा। छ्त्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से बड़ी खबर सामने आई है। यहां के जिला विपणन अधिकारी अभिषेक मिश्रा को सस्पेंड कर दिया गया है। पूरा मामला 7 करोड़ रुपये के धान घोटाले से जुड़ा हुआ है। इस मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला विपणन अधिकारी (डीएमओ) अभिषेक मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई प्रबंध संचालक, राज्य स्तर रायपुर द्वारा मीडिया में भ्रामक जानकारी देने के आरोप में की गई है। निलंबन के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
7 करोड़ रुपये के धान की गड़बड़ी से जुड़ा केस
यह पूरा मामला 7 करोड़ रुपये के धान की गड़बड़ी से जुड़ा हुआ है। जब मीडिया ने धान शॉर्टेज को लेकर डीएमओ अभिषेक मिश्रा से सवाल किए, तो उन्होंने इसका कारण मौसम की मार, चूहा और दीमक द्वारा धान खाये जाने को बताया। उन्होंने यह बयान 7 जनवरी 2026 को दिया। इस बयान के बाद मामला और तूल पकड़ लिया। सोशल मीडिया से लेकर प्रदेशभर में इस बयान की तीखी आलोचना हुई। इसके बाद प्रबंध संचालक रायपुर द्वारा यह मानते हुए कि डीएमओ ने मीडिया में भ्रामक और गैर-जिम्मेदाराना बयान दिया है, अभिषेक मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
साल 2024–25 में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कर उसे चारभाठा स्थित धान संग्रहण केंद्र में संग्रहित किया गया था। वर्ष 2026 की धान खरीदी से पूर्व जब पुराने धान का भौतिक सत्यापन किया गया, तो करीब 26 हजार क्विंटल धान की कमी पाई गई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 7 करोड़ रुपये आंकी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन द्वारा एक जांच समिति गठित की गई। जांच में यह सामने आया कि तत्कालीन संग्रहण केंद्र प्रभारी प्रितेश पांडेय की भूमिका संदेहास्पद रही है। साथ ही संग्रहण केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरों से छेड़छाड़ के भी साक्ष्य मिले। इसके बाद प्रशासन ने प्रितेश पांडेय को पहले ही निलंबित कर दिया था। इसी मुद्दे पर मीडिया ने अभिषेक मिश्रा से सवाल पूछे थे, जिस पर उन्होंने चूहा और दीमक वाला बयान दिया था। इसी को लेकर यह कार्रवाई हुई है।



