CG निलंबन ब्रेकिंग : पंचायत सचिव तत्काल प्रभाव से निलंबित, इस वजह से गिरी गाज, जाने पूरा मामला……

जांजगीर-चांपा। जनपद पंचायत जैजैपुर के ग्राम पंचायत कचंदा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत घटिया नाली निर्माण के मामले में प्रशासन की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान लाखों रुपये की लागत से बनी नाली चंद दिनों में ही ध्वस्त हो गई। इसके बाद सिस्टम सक्रिय हुआ और मामले की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट के बाद जिला पंचायत पंचायत सीईओ ने पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया है। जरा गौर करिए, निर्माण कार्यों का मूल्यांकन और गुणवत्ता की तकनीकी पुष्टि करने वाले और ओके रिपोर्ट देने वाले तकनीकी सहायक को कार्यालय में अटैच की सजा मिली है। जिला पंचायत के इस कार्रवाई को लेकर अब सवाल उठाए जा रहे हैं।
चर्चा हो रही है, जिसने निर्माण कार्यों की तकनीकी जांज के बाद सबकुछ ठीक होने का रिपोर्ट सौंपा था, उसकी क्या जिम्मेदारी बनती है। तकनीकी सहायक पर अफसर क्यों मेहरबान है और कार्रवाई क्यों नहीं की गई इसे लेकर सवालिया निशान उठाए जा रहे हैं।
जांच प्रतिवेदन में निर्माण कार्य में व्यापक अनियमितता और भ्रष्टाचार की पुष्टि होने के बाद जिला पंचायत सक्ती द्वारा पंचायत सचिव हरिराम कुर्रे को निलंबित कर दिया गया। सरपंच के खिलाफ पद से पृथक करने की कार्रवाई विचाराधीन है।
चर्चा इस बात को लेकर हो रही है, तकनीकी सहायक, जिसने इस पूरे निर्माण की तकनीकी मार्गदर्शक और मूल्यांकन अधिकारी की भूमिका निभाई, कार्रवाई के नाम पर जिला पंचायत ने औपचारिकता निभाई। फील्ड से हटाकर जनपद पंचायत जैजैपुर कार्यालय में संलग्न (अटैच) कर दिया गया है।
ये भी हैं जिम्मेदार
एसडीओ उपसंभाग अधिकारीः किसी भी शासकीय निर्माण कार्य का भौतिक सत्यापन और तकनीकी अप्रूवल वरिष्ठ स्तर पर एसडीओ की देखरेख या उनके माध्यम से होता है। यदि नाली घटिया थी, तो भौतिक सत्यापन के दौरान एसडीओ के द्वारा आपत्ति क्यों दर्ज नहीं कराई गई, इस पर कार्रवाई के लिए क्यों नहीं लिखा गया?
कार्यक्रम अधिकारीः मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग की मुख्य जिम्मेदारी कार्यक्रम अधिकारी की होती है। इस तरह की लीपापोती और घटिया निर्माण उनके नियंत्रण पर भी बड़ा सवालिया निशान खड़े करता है।
रोजगार सहायक : धरातल पर मस्टर रोल भरने और कार्य की निगरानी करने वाले रोजगार सहायक की संलिप्तता या लापरवाही की जांच में क्या सामने आया, इसे अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया ?
दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई, भुगतान पर लगाई रोक
जनपद पंचायत जैजैपुर के सीईओ, निखिल कश्यप का कहना है, नाली निर्माण कार्य में अनियमितता पाए जाने पर संलिप्त सचिव को निलंबित कर दिया गया है। तकनीकी सहायक को कार्यक्षेत्र से हटाकर जनपद कार्यालय में संलग्न किया गया है। कार्य का पूरा भुगतान रोक दिया गया है। शासकीय कार्यों में भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जांच के दायरे में जो भी दोषी मिलेगा, उस पर नियमानुसार आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।



