छत्तीसगढ़

CG – जिस मां को जादू-टोना करने वाली बताकर मार डाला… उसी की बेटी ने चुनाव जीतकर संभाली कुर्सी, बनी गांव की हेड…..

जशपुर। डोंगादरहा ग्राम पंचायत के उपचुनाव में 23 वर्षीय मनीषा सिदार ने सरपंच पद पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। मनीषा फार्मासिस्ट हैं और वह एक राजनीतिक परिवार से आती हैं। मनीषा पूर्व सरपंच प्रभावती सिदार की बेटी हैं, जिनकी 1 अप्रैल 2025 को हत्या कर दी गई थी। यह मामला उस समय सामने आया जब आरोप लगा कि प्रभावती सिदार की हत्या टोनही के संदेह के कारण की गई। इस घटना के बाद 2 मई को पुलिस ने उनके जेठ पुस्तम सिंह सिदार को गिरफ्तार किया था। आरोपी ने पूछताछ में हत्या का कारण टोनही का संदेह बताया था।

आपको बता दें मनीषा का परिवार लंबे समय से राजनीति से जुड़ा रहा है। उनके पिता उत्तम सिंह सिदार वर्ष 2005 से राजनीति में एक्टिव हैं। वे जनपद पंचायत सदस्य, फरसाबहार जनपद पंचायत के सभापति, डोंगादरहा ग्राम पंचायत के सरपंच और सरपंच संघ फरसाबहार के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वर्तमान में वे सर्व आदिवासी समाज जशपुर के जिलाध्यक्ष हैं।

गांव के विकास के लिए होगा काम

मनीषा ने बताया कि परिवार के राजनीतिक में होने के बावजूद उन्होंने पहले अलग रास्ता चुना था और फार्मासिस्ट के रूप में काम कर रही थीं, लेकिन 1 अप्रैल की दर्दनाक घटना ने उन्हें गहरी चोट पहुंचाई, जिसके बाद उन्होंने राजनीति में आने का फैसला लिया।

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