छत्तीसगढ़

CG- थप्पड़ का खौफनाक बदला : करमा नाच के बीच हुआ झगड़ा, देर रात कमरे में बंद कर दोस्त पर कुल्हाड़ी से वार कर उतारा मौत के घाट, कातिल दोस्त गिरफ्तार…..

सरगुजा। जश्न की खुशियों के बीच शराब के नशे में शुरू हुआ मामूली विवाद खूनी वारदात में बदल गया। अंबिकापुर से सटे गांव में चार दोस्तों के बीच कहासुनी के दौरान एक युवक ने अपने साथी को थप्पड़ मार दिया। इसी थप्पड़ का बदला लेने के लिए दो दोस्तों ने देर रात खौफनाक साजिश रची। बताया जा रहा है कि दोनों ने युवक को सोते समय कमरे में बंद किया और टांगी (कुल्हाड़ी) से हमला कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

जश्न के बीच छलका जाम, मामूली कहासुनी से भड़की रंजिश की आग

बैकुंठपुर निवासी 28 वर्षीय विश्वजीत कुल्हाड़े उर्फ राजा पिछले कुछ समय से मायापुर में अपनी बहन के घर रहकर बाइक मैकेनिक का काम करता था। उसने खैरबार गाड़ाघाट मार्ग स्थित अपनी जमीन पर दुकान और पीछे एक कमरा बनवा रखा था। शनिवार रात खैरबार क्षेत्र में पारंपरिक करमा उत्सव का आयोजन चल रहा था। इसी दौरान विश्वजीत ने अपने तीन अन्य साथियों आकाश सिंह उर्फ चिंटू, आकाश कुमार और शनि कुमार के साथ मिलकर शराब पी और सभी नाच- गाना देखने पहुंचे। उत्सव के बीच किसी बात पर विश्वजीत और आकाश चिंटू में बहस हो गई, जिस पर गुस्सा होकर विश्वजीत ने चिंटू के मुंह पर थप्पड़ जड़ दिया।

आधी रात को खुला मौत का दरवाजा, गवाह को पीटकर भगाया

थप्पड़ की उस बेइज्जती ने चिंटू के सिर पर खून का भूत सवार कर दिया। विवाद के बाद विश्वजीत अपने साथी शनि के साथ दुकान के पीछे वाले कमरे में जाकर सो गया। देर रात लगभग एक बजे आकाश चिंटू और आकाश कुमार कुल्हाड़ी लेकर वहां आ धमके। जब शनि ने दरवाजा खोला तो हमलावरों ने उसे जोरदार तमाचे रसीद कर जान बचाकर भागने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद दोनों आरोपियों ने कुल्हाड़ी समेत अंदर घुसकर कमरा भीतर से बंद कर लिया।

कमरे में बिखरा था ख़ून, संघर्ष के मिले खौफनाक निशान

शनि की सूचना पर जब सीएसपी राहुल बंसल और कोतवाली पुलिस टीम रविवार को मौके पर पहुंची, तो कमरे के भीतर का दृश्य देख अनुभवी अफ़सरों के भी रोंगटे खड़े हो गए। विश्वजीत की लाश ख़ून से लथपथ औंधे मुंह पड़ी थी। फर्श से लेकर दीवारों तक पर लाल छींटे उड़े हुए थे। पुलिस का अनुमान है कि अपनी जान बचाने के लिए बेबस विश्वजीत ने बदहवासी में काफी संघर्ष किया होगा, लेकिन दरिंदे बने दोस्तों ने उसे दौड़ा- दौड़ाकर सिर व गर्दन पर टांगी से कई वार किए और उसकी जीवन लीला समाप्त कर दी।

दोनों आरोपी सलाखों के पीछे

अंबिकापुर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों मुख्य आरोपियों आकाश सिंह और आकाश कुमार को कस्टडी में ले लिया है। कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों ने अपना गुनाह कुबूल कर लिया। उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई खून से सनी कुल्हाड़ी भी ज़ब्त कर ली गई है। पोस्टमार्टम के बाद मृतक का शव रोते-बिलखते परिजनों को सौंप दिया गया है और आरोपियों के खिलाफ कत्ल की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।

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