CG – सुकमा में होगा “वीर बिरसा मुंडा अंतरराष्ट्रीय रक्तदाता एवं समाजसेवी सम्मान समारोह 2026” : देवी माँ चिटमिट्टीन अम्मा मंदिर से हुई शुरुआत, कमलचंद्र भंजदेव को दिया गया आमंत्रण : जसराज जैन

सुकमा में होगा “वीर बिरसा मुंडा अंतरराष्ट्रीय रक्तदाता एवं समाजसेवी सम्मान समारोह 2026” : देवी माँ चिटमिट्टीन अम्मा मंदिर से हुई शुरुआत, कमलचंद्र भंजदेव को दिया गया आमंत्रण : जसराज जैन
सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में आगामी 9 अक्टूबर 2026 को “बीर बिरसा मुंडा अंतरराष्ट्रीय रक्तदाता एवं समाजसेवी सम्मान समारोह 2026” का आयोजन किया जाएगा। इस समारोह का उद्देश्य देशभर के स्वैच्छिक रक्तदाताओं और समाजसेवियों को सम्मानित करना तथा समाज में सेवा, समर्पण और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम के आयोजक जसराज जैन ‘रक्तमित्र’ ने बताया कि सुकमा की पहचान अक्सर संघर्ष और चुनौतियों से जुड़ी रही है, लेकिन अब यह धरती सेवा और सम्मान का संदेश भी देगी। उन्होंने कहा कि “जहाँ कभी गोलियों की आवाज़ें सुनी गईं, अब सम्मान की तालियाँ गूंजेंगी।”

उन्होंने आगे कहा कि इतिहास हमेशा तलवार से नहीं लिखा जाता, कई बार रक्तदान की एक बूंद और समाजसेवा का संकल्प भी इतिहास रच देता है। यह मंच उन लोगों के लिए है जो अक्सर चर्चा में नहीं रहते, लेकिन रक्तदान कर जीवन बचाते हैं और अपने सेवा कार्यों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाते हैं।
आयोजन की शुभ शुरुआत धार्मिक परंपरा के अनुसार देवी माँ चिटमिट्टीन अम्मा मंदिर, रामाराम (सुकमा) में प्रथम आमंत्रण पत्र अर्पित कर की गई। माता के चरणों में आमंत्रण अर्पित कर कार्यक्रम की सफलता और जनकल्याण की कामना की गई। बस्तर अंचल में स्थित यह मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है और यहाँ प्रतिवर्ष लगने वाला रामाराम मेला दक्षिण बस्तर का एक महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन है।
इसके पश्चात बस्तर क्षेत्र के सम्मानित व्यक्तित्व कमलचंद्र भंजदेव (जगदलपुर, बस्तर) को भी समारोह के लिए आमंत्रण पत्र प्रदान किया गया। बस्तर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़े कमलचंद्र भंजदेव क्षेत्र की सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
जसराज जैन ने बताया कि इस आयोजन के अंतर्गत “रक्तवीर पुस्तक” का भी प्रकाशन किया जाएगा, जिसमें देशभर के रक्तदाताओं और समाजसेवियों की प्रेरक जीवनगाथाओं को संकलित किया जाएगा। इसके लिए देशभर के समाजसेवियों और रक्तदाताओं से जानकारी भी एकत्र की जा रही है।
उन्होंने कहा कि सुकमा से शुरू हुई यह पहल छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पूरे भारत में सेवा और मानवता का संदेश देने का प्रयास है। इस समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से रक्तदाता, समाजसेवी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।



