CG-युवक का ‘शातिर करनामा’ डॉलर और क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर 3 करोड़ की ठगी…जाने मामला…

डेस्क : भिलाई ,जल्दी पैसा कमाने के सपने दिखाकर ठगी करने का एक बड़ा मामला दुर्ग जिले में सामने आया है। क्रिप्टो ट्रेडिंग और डॉलर में निवेश के नाम पर एक युवक ने 76 लोगों से करोड़ों रुपए ऐंठ लिए और फिर अचानक ऑफिस बंद कर फरार हो गया।
यह मामला सुपेला थाना क्षेत्र का है, जहां आरोपी ने “फाइनेंस अप इन्वेस्टमेंट कंसल्टेंसी” के नाम से ऑफिस खोलकर निवेशकों को हर महीने 6 प्रतिशत मुनाफा देने का भरोसा दिलाया। इस झांसे में आकर लोगों ने करीब 3 करोड़ 8 लाख 5 हजार रुपए निवेश कर दिए।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने खुद को क्रिप्टो ट्रेडिंग का एक्सपर्ट बताते हुए निवेश के लिए लोगों को राजी किया। 9 अक्टूबर 2025 को एक पीड़ित ने सुपेला थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि मार्च 2025 में उसकी मुलाकात भिलाई शांति नगर निवासी हार्दिक कुदेषिया से हुई थी।
आरोपी की बातों में आकर पीड़ित ने अपने और अपने पिता अनुराग के बैंक खातों से ऑनलाइन और नकद मिलाकर 20 लाख रुपए निवेश किए। शुरुआत में आरोपी समय पर ब्याज देता रहा, जिससे भरोसा और गहरा हो गया।
इसी तरह एक अन्य निवेशक के पिता भूषण लाल साहू ने भी आरोपी के कहने पर उसकी मां के खाते में 4 लाख रुपए जमा कराए। देखते ही देखते कुल 76 निवेशक इस जाल में फंस गए
अप्रैल से अक्टूबर 2025 तक निवेशकों को ब्याज मिलता रहा, लेकिन नवंबर आते ही भुगतान अचानक बंद हो गया। जब निवेशक अग्रसेन चौक, नेहरू नगर सुपेला स्थित ऑफिस पहुंचे, तो वहां ताला लटका मिला। आसपास पूछताछ करने पर पता चला कि आरोपी पैसे लेकर फरार हो चुका है
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने साल 2024 में यह ऑफिस खोला था। निवेशकों से बाकायदा इकरारनामे बनवाए जाते थे और रकम बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक और इंडसइंड बैंक के खातों में जमा करवाई जाती थी।
इसके बाद मोबाइल में बाइनेस ऐप के जरिए भारतीय रुपए को डॉलर में बदलकर क्रिप्टो ट्रेडिंग की जाती थी। मुनाफे का 6 प्रतिशत निवेशकों को, 3 प्रतिशत एजेंटों को दिया जाता था, जबकि बाकी रकम आरोपी खुद रख लेता था।
सुपेला पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हार्दिक कुदेषिया (22 वर्ष)को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है। आरोपी के पास से आईफोन 16 प्रो, लैपटॉप, नोट गिनने की मशीन और निवेश से जुड़े अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं। आरोपी पर धारा 318(2), 318(4) और 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और ठगी में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।



