छत्तीसगढ़

Chhattisgarh ACB Action: ACB का बड़ा एक्शन,हाउसिंग बोर्ड के संभागीय कमिश्नर और बाबू रिश्वत लेते गिरफ्तार…

डेस्क : सरगुजा जिले से भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने एक सुनियोजित छापेमारी के दौरान हाउसिंग बोर्ड के संभागीय कमिश्नर और उनके एक अधीनस्थ बाबू को भारी भरकम रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई ने सरगुजा संभाग के प्रशासनिक गलियारों में खलबली मचा दी है। यह मामला सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार की जड़ों को उजागर करता है, जहां उच्च पदों पर बैठे अधिकारी भी अवैध वसूली के खेल में शामिल पाए जा रहे हैं।

50 हजार की रिश्वत का खेल: ठेकेदार की शिकायत पर बिछाया गया जाल

पूरा मामला एक ठेकेदार के भुगतान और कार्य संबंधी औपचारिकताओं से जुड़ा हुआ है। आरोपी संभागीय कमिश्नर पीसी अग्रवाल और बाबू अनिल सिंह ने एक ठेकेदार से उसके लंबित कार्यों के निपटारे के एवज में 50,000 रुपये की मांग की थी। ठेकेदार भ्रष्टाचार के इस दबाव में आने के बजाय इसे कानून के हवाले करने का निर्णय लिया। उसने तत्काल रायपुर/बिलासपुर स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो के कार्यालय में मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की प्राथमिक जांच में तथ्य सही पाए जाने पर एसीबी की टीम ने अंबिकापुर में जाल बिछाने की तैयारी पूरी की।

रंगे हाथ गिरफ्तारी: गोधनपुर कार्यालय में नोटों के साथ धरे गए आरोपी

योजना के अनुसार, बुधवार को जैसे ही ठेकेदार गोधनपुर स्थित हाउसिंग बोर्ड के संभागीय कार्यालय पहुँचा और उसने रिश्वत की रकम अधिकारियों को सौंपी, पहले से मुस्तैद एसीबी की टीम ने धावा बोल दिया। टीम ने संभागीय कमिश्नर पीसी अग्रवाल और बाबू अनिल सिंह को नोटों के साथ रंगे हाथ दबोच लिया। मौके पर ही उनके हाथ धुलवाए गए, जिससे रिश्वत के रूप में दिए गए पाउडर लगे नोटों की पुष्टि हो गई। इस अचानक हुई छापेमारी से कार्यालय में मौजूद अन्य कर्मचारियों के होश उड़ गए और चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

गहन पूछताछ और जांच का दायरा: भ्रष्टाचार के सिंडिकेट की तलाश

गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम दोनों आरोपियों को लेकर अपने स्थानीय कार्यालय पहुँची। यहाँ उनसे बंद कमरे में लंबी पूछताछ की जा रही है। ब्यूरो के अधिकारी इस बात की भी पड़ताल कर रहे हैं कि क्या यह कोई संगठित सिंडिकेट है या इस रिश्वत कांड के तार अन्य विभागों या वरिष्ठ अधिकारियों से भी जुड़े हैं। आरोपियों के घरों और उनसे संबंधित अन्य ठिकानों पर भी छानबीन की संभावना जताई जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने पद का दुरुपयोग कर कितनी अवैध संपत्ति अर्जित की है।

प्रशासनिक खेमे में हड़कंप: एसीबी ने दी कड़ा संदेश देने की चेतावनी

इस बड़ी कार्रवाई के बाद पूरे सरगुजा जिले के सरकारी दफ्तरों में सन्नाटा पसरा हुआ है। एसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि मुख्यमंत्री के ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। आम जनता और ठेकेदारों के बीच इस कार्रवाई की सराहना हो रही है, क्योंकि हाउसिंग बोर्ड जैसे विभागों में भ्रष्टाचार की शिकायतें अक्सर आती रहती हैं। फिलहाल, दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।

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