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सामुदायिक शौचालय चड्ढा भ्रष्टाचार की भेंट उपयोग करने से पहले हुआ जर्जर, अब 15 वा वित्त से लाखों खर्च कर कराया जा रहा मरम्मत।




((नयाभारत सितेश सिरदार लखनपुर सरगुजा)):–
कागजों में सामुदायिक शौचालय पूर्ण सेप्टिक टैंक पाइपलाइन और सीट बैठाने सहित मरमत कार्य जारी
लखनपुर :–सरगुजा जिले के आकांक्षी विकासखंड लखनपुर में ग्राम पंचायत अरगोती, डांड केसरा, तीरकेला सहित अन्य पंचायतों में सामुदायिक शौचालय भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है। उपयोग करने से पहले ही उसकी सामुदायिक शौचालय की स्थिति जर्जर हो गई है। इधर पंचायत के सरपंच सचिव मिली भगत कर सामुदायिक शौचालय के मरम्मत के नाम पर लाखों रुपए निकाल कर गबन कर लिए हैं। दरअसल पूरा मामला सुरूर वनांचल ग्राम तिरकेला का है। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजना के तहत वर्ष 2020-21 में 3.50 लाख रुपए से सामुदायिक शौचालय निर्माण की स्वीकृति मिली। तिरकेला के पूर्व सरपंच तुला राम, सचिव राम गोपाल साहू के द्वारा पंचायत भवन प्रांगण में 3.50 लाख रुपए से आधा अधूरा सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराकर कागजों में से पूर्ण कर राशि आहरण कर लिया गया। जबकि सामुदायिक शौचालय का टंकी और सेट और वाटर सप्लाई का कार्य पूर्ण नहीं किया गया था।सामुदायिक शौचालय का उपयोग करने से पहले ही जर्जर हो गया। शिकायत के बाद अधिकारियों के निर्देश पर पंचायत सचिव रामगोपाल साहू के द्वारा लाखों रुपए से निकलकर सामुदायिक शौचालय का मरम्मत करते हुए 4/4 का शौचालय टंकी निर्माण,सीट, पाइप लाइन बिछाया जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सामुदायिक शौचालय उपयोग करने से पहले ही जर्जर हो गया है इसकी सूक्ष्म जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए। पंचायत सचिव रामगोपाल साहू के ऊपर शासकीय निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार का आरोप ग्रामीणों द्वारा लगाया जा रहा है।इससे पूर्व आरगोती ओर डांडकेसरा पंचायत में भी कागजों में सामुदायिक शौचालय पूर्ण कर मरम्मत के नाम पर राशि आहरण कर गबन किए जाने का आरोप ग्रामीणों के द्वारा लगाया गया था। कई मामलों की शिकायत के बाद भी पंचायत सचिव रामगोपाल साहू के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। अब देखने वाली बात होगी कि किस प्रकार की कार्रवाई पंचायत सचिव के खिलाफ की जाती है या फिर जांच कर कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति कर दिया जाएगा।
*”””कई पंचायतों में सामुदायिक शौचालय का यही हाल”””*
इन पंचायतों के साथ साथ विकासखंड में अन्य कई पंचायतों के सामुदायिक शौचालय का हाल भी यही नजर आता है जहाँ ये शौचालय या तो भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुके हैं या फिर घटिया निर्माण कर मरम्मत के नाम पर राशि का बंदरबाट किया जा रहा है। फ़िलहाल आलम यह हैं कि इन सामुदायिक शौचालयों का उपयोग नहीं हो पा रहा है तथा ये केवल शो पिश बनकर पंचायतों की शोभा बढ़ा रहे हैं । छेत्रवासियो ने इनके उपयोगिता मुकम्मल करने इस ओर उचित प्रयास किए जाने की माँग की है ।

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